


देहरादून, । वोट चोरी के आरोपों को लेकर आज देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा जी के नेतृत्व में चुनाव आयोग एवं मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंककर आक्रोश व्यक्त किया तथा चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य श्री करन माहरा ने अपने प्रस्तावित बयान में कहा, “चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी देश के प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है। लेकिन वोट चोरी के आरोपों पर आयोग के रुख ने उसकी निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हमारा आरोप है कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। आयोग को इन सवालों का तथ्यों और दस्तावेजों के साथ जवाब देना चाहिए। जनता के वोट और लोकतंत्र से जुड़े सवालों को अनदेखा करके विश्वास बहाल नहीं किया जा सकता।”
श्री माहरा ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त को यह समझना होगा कि संवैधानिक पद की जवाबदेही किसी सत्ताधारी दल के प्रति नहीं, बल्कि संविधान और देश की जनता के प्रति है। यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष है तो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया पर उठाई गई आपत्तियों की पारदर्शी जांच से परहेज क्यों होना चाहिए? भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए आयोग के इस्तेमाल का कोई भी प्रयास लोकतंत्र पर सीधा आघात होगा। कांग्रेस जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए इस मुद्दे को पूरी मजबूती से उठाती रहेगी।”
उन्होंने मांग की कि वोट चोरी से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए, संबंधित अभिलेख और कार्रवाई का विवरण सार्वजनिक किया जाए तथा जहां भी अनियमितता साबित हो, वहां जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। श्री माहरा ने कहा, “मतदान का अधिकार जनता की ताकत है। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता सवाल पूछने वालों को कठघरे में खड़ा करने से नहीं, बल्कि उनकी आपत्तियों का प्रमाण सहित जवाब देने से मजबूत होगी। भाजपा सरकार और चुनाव आयोग को जनता के सवालों का जवाब देना ही होगा।”