


चम्पावत में गर्व और सम्मान के साथ मनाया गया शौर्य दिवस, अमर शहीदों की शहादत को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा…”— इन्हीं अमर पंक्तियों की जीवंत अनुभूति के बीच कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर सैनिक कल्याण विभाग चम्पावत के परिसर में ‘शौर्य दिवस’ का अत्यंत भव्य, भावुक और गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया।
समारोह का भव्य शुभारंभ अमर जवान स्मारक पर पधारे मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्री आनंद सिंह अधिकारी, विशिष्ट अतिथि विधायक प्रतिनिधि श्री प्रकाश तिवारी, अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा यादव सहित समस्त अतिथियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा वीर शहीद सैनिकों की स्मृति में दीप प्रज्वलित कर तथा स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर किया गया।
मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर बलिदानियों के अद्वितीय पराक्रम को नमन करते हुए पूरा परिसर देशभक्ति के अभूतपूर्व जज्बे और जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर पूर्व सैनिकों ने सीमा पर लड़े गए युद्ध के रोमांचकारी व अदम्य साहस भरे संस्मरण साझा कर सभी में राष्ट्रभक्ति का संचार कर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्री आनंद सिंह अधिकारी ने वीरांगनाओं और अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना की अटूट इच्छाशक्ति, अद्वितीय पराक्रम और सर्वोच्च अनुशासन का सजीव प्रमाण है। उन्होंने रेखांकित किया कि यशस्वी मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के सर्वांगीण कल्याण के लिए पूर्ण संवेदनशीलता के साथ अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से वीरों का सम्मान करने तथा राष्ट्र सेवा की भावना को सदैव सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि विधायक प्रतिनिधि श्री प्रकाश तिवारी ने 26 जुलाई 1999 की ऐतिहासिक विजय गाथा का स्मरण कराते हुए कहा कि भारतीय सेना के शूरवीरों ने जो अप्रतिम पराक्रम दिखाया, उसकी तुलना विश्व इतिहास में अतुलनीय है।
अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि एक सैनिक का बलिदान समाज में सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने वीर माताओं एवं बहनों के त्याग को सर्वोच्च मानते हुए युवाओं में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना विकसित करने और देश सेवा को जीवन का परम ध्येय बनाने की अपील की।
संबोधन की अगली कड़ी में पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा यादव ने युवाओं और समाज को अत्यंत प्रेरक एवं दिशा-दर्शक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वीर जवानों की शौर्य गाथाएं हम सभी के लिए ऊर्जा और प्रेरणा का अक्षय स्रोत हैं। वीर सैनिकों को जन्म देने वाली माताओं व उनकी बहनों के त्याग के प्रति नतमस्तक होते हुए उन्होंने युवाओं से कहा कि युवा पीढ़ी नशे तथा हर तरह की गलत आदतों से पूरी तरह दूर रहकर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करे, जिससे एक सशक्त, अनुशासित और समर्थ राष्ट्र का निर्माण संभव हो सके। उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया का उपयोग केवल सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों में करने का सुझाव दिया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि सफलता का कोई शॉर्टकट या विकल्प नहीं होता, इसलिए युवाओं को कड़ी मेहनत और अपने कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) पर विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वास्तव में वीरों की जननी है और वे वीर भूमि चम्पावत की इस पावन माटी को नमन करती हैं।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मंच से वीर नारियों, वरिष्ठ पूर्व सैनिकों एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्री आनंद सिंह अधिकारी, विधायक प्रतिनिधि श्री प्रकाश तिवारी तथा अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी ने संयुक्त रूप से युद्ध के दौरान घायल हुए पूर्व सैनिक नायक दान सिंह मेहता तथा 93 वर्षीय वरिष्ठ पूर्व सैनिक श्री जय दत्त चिलकोटी को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया।
इसके साथ ही वीर नारियों एवं माताओं—श्रीमती पार्वती देवी (पत्नी स्व. सिपाही विक्रम सिंह), श्रीमती पदमा देवी (पत्नी स्व. सिपाही केशव दत्त), श्रीमती बची देवी (माता स्व. सिपाही जगत सिंह), श्रीमती हरू देवी (माता स्व. सिपाही राहुल रैंसवाल, सेना मेडल), श्रीमती रूपी देवी (पत्नी स्व. सिपाही ज्वाला दत्त) तथा श्रीमती चन्द्रकला जोशी (पत्नी स्व. हवलदार कृष्ण दत्त जोशी) को शॉल ओढ़ाकर उनके त्याग व समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
शौर्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के मेधावी प्रतिभागियों को भी मंच से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंतर विद्यालय सीनियर वर्ग भाषण प्रतियोगिता में कु. रेनू जोशी प्रथम, कु. संजना भट्ट द्वितीय एवं कु. तनुजा बिष्ट तृतीय स्थान पर रहीं। जूनियर वर्ग भाषण प्रतियोगिता में कु. प्राची बिष्ट प्रथम, कु. माही सामन्त द्वितीय तथा कु. निकिता तृतीय स्थान पर रहीं। सीनियर वर्ग चित्रकला प्रतियोगिता में गौरव सिंह बोहरा प्रथम, कु. सोनाक्षी पारस द्वितीय एवं कु. दीक्षा तृतीय रहे। वहीं, जूनियर वर्ग चित्रकला प्रतियोगिता में कु. माही सामन्त ने प्रथम, कु. माही रावत ने द्वितीय तथा कु. पारुल ने तृतीय स्थान प्राप्त कर बाजी मारी।
समारोह में एनसीसी कैडेट्स तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) चम्पावत की छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीतों एवं कुमाऊंनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शानदार प्रदर्शन के लिए एनसीसी चम्पावत, जीजीआईसी चम्पावत की छात्राओं, चम्पावत पुलिस की टुकड़ी (गार्ड ऑफ ऑनर) तथा 119 ओएमसी चम्पावत को स्मृति चिह्न (मेमेंटो) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर ….







ऑफिसर कमांडिंग 119 ओएमसी लेफ्टिनेंट कर्नल रवि ढिल्लोन, ऑफिसर कमांडिंग एनसीसी नरेंद्र सिंह नगरकोटी, स्क्वाड्रन लीडर (से.नि.) एम.सी. शर्मा, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल (से.नि.) श्री उमेद सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री मान सिंह सहित अनेक सैन्य अधिकारी, वीरांगनाएं, मातृशक्ति, स्कूली बच्चे एवं विशाल जनसमूह उपस्थित रहा।