
रानीखेत: क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल द्वारा जी.एस.एम. राजकीय नागरिक चिकित्सालय, रानीखेत [image_eOjXwM.png] में नवनिर्मित डायलिसिस मशीन का लोकार्पण किया गया है। लंबे समय से इस सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे क्षेत्रवासियों के लिए यह एक बड़ी सौगात है।
इस अवसर पर विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने फीता काटकर [image_Ccyxpq.png] सेवा का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और चिकित्सा प्रबंधन को स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि “रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करना और आमजन तक उच्च स्तरीय चिकित्सा पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” इस ऐतिहासिक शुरुआत से अब स्थानीय किडनी रोगियों को इलाज के लिए हल्द्वानी, देहरादून या दिल्ली जैसे दूर-दराज के शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
डायलिसिस मशीन से होने वाले मुख्य फ़ायदे
डायलिसिस एक जीवन रक्षक प्रक्रिया है जो उन मरीजों के लिए की जाती है जिनकी किडनियां (गुर्दे) काम करना बंद या बेहद कम कर देती हैं । इससे निम्नलिखित लाभ होते हैं:
- रक्त का शुद्धीकरण: यह मशीन शरीर में प्राकृतिक किडनी की तरह काम करती है। यह रक्त से हानिकारक विषाक्त पदार्थों (Toxins), अतिरिक्त लवण (Salt) और यूरिया को छानकर बाहर निकालती है ।
- तरल पदार्थों का संतुलन: जब गुर्दे फेल हो जाते हैं, तो शरीर में पानी जमा होने लगता है जिससे सूजन आ जाती है। डायलिसिस मशीन शरीर में तरल पदार्थों (Fluids) का सही संतुलन बनाए रखती है ।
- ब्लड प्रेशर का नियंत्रण: शरीर में खतरनाक रूप से बढ़ने वाले रक्तचाप को नियंत्रित रखने में यह प्रक्रिया अत्यंत सहायक हो।
स्थानीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल द्वारा कराए जा रहे ये कार्य सीधे तौर पर जन-कल्याण और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे (Health Infrastructure) को मजबूत करने की नीति के तहत हो रहे हैं:
पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन और आर्थिक बोझ को रोकना: पहाड़ों में जटिल स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को मैदानी इलाकों के बड़े अस्पतालों में जाना पड़ता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों अत्यधिक खर्च होता था। विधायक ने स्थानीय स्तर पर ही यह मशीन उपलब्ध कराकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत दी है [image_eOjXwM.png]।लगातार स्वास्थ्य सुधार की दिशा में कार्य: हाल ही में इसी नागरिक चिकित्सालय में करीब 1.29 करोड़ रुपये की लागत से ब्लड सेपरेशन यूनिट का भी शुभारंभ किया गया था। डायलिसिस यूनिट का यह लोकार्पण दिखाता है कि विधायक प्राथमिक स्तर की ओपीडी से आगे बढ़कर अस्पताल को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।जन-संवाद और जवाबदेही: जनता द्वारा पहाड़ों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर उठाई जा रही मांगों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और शासन से समन्वय बिठाकर इस अटके कार्य को धरातल पर उतारा गया है।

