
रामनगर: जीएसटी (Goods and Services Tax) पोर्टल की बार-बार हो रही खराबी ने देश के व्यापारी और कर विशेषज्ञों के लिए चिंता का माहौल बना दिया है। खासकर आज, जब GSTR-3B रिटर्न की अंतिम तारीख थी, पोर्टल डाउन होने के कारण कई व्यवसायियों को रिटर्न फाइल करने में समस्या हुई और 100 रुपये प्रतिदिन की पेनल्टी का सामना करना पड़ा।GSTR-3B मासिक रिटर्न है, जिसमें करदाता अपनी बिक्री, खरीद और कर देनदारी का विवरण देते हैं। यह रिटर्न फाइल करना व्यापारियों के लिए अनिवार्य है। लेकिन पोर्टल डाउन होने से कई व्यवसायी समय पर रिटर्न फाइल नहीं कर पाए, जिससे उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ा।GSTR-3B मासिक रिटर्न है, जिसमें करदाता अपनी बिक्री, खरीद और कर देनदारी का विवरण देते हैं। यह रिटर्न फाइल करना व्यापारियों के लिए अनिवार्य है। लेकिन पोर्टल डाउन होने से कई व्यवसायी समय पर रिटर्न फाइल नहीं कर पाए, जिससे उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ा।रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, एडवोकेट पूरन चंद्र पांडे और संयुक्त सचिव, एडवोकेट मनु अग्रवाल ने इस मुद्दे पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केवल एक दिन की पोर्टल खराबी से ही व्यवसायियों पर भारी पेनल्टी लग रही है, जो असंगत और अनुचित है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पोर्टल की नियमित देखभाल और आपातकालीन योजना सुनिश्चित की जाए, ताकि व्यवसायियों को इस तरह के अनावश्यक वित्तीय बोझ से बचाया जा सके।उन्होंने आगे कहा कि पेनल्टी प्रणाली में तकनीकी समस्याओं के कारण लचीलापन होना चाहिए और GST पोर्टल की विश्वसनीयता और उपयोगकर्ता सहायता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कर विशेषज्ञ और टैक्स एडवोकेट भी इस स्थिति से प्रभावित हुए हैं। वे अपने ग्राहकों के रिटर्न समय पर फाइल कराने और पेनल्टी से बचाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन पोर्टल की तकनीकी खराबी, सर्वर ओवरलोड और अपर्याप्त IT समर्थन उनकी जिम्मेदारियों को चुनौतीपूर्ण बना रहा है।विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल कर अनुपालन प्रणाली में निरंतर तकनीकी सुधार, पारदर्शी पेनल्टी नीति और त्वरित शिकायत निवारण प्रणाली बेहद आवश्यक है। इससे व्यापारी और कर विशेषज्ञ दोनों बिना अतिरिक्त तनाव के नियमों का पालन कर सकेंगे।