चंपावत:शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर, प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी ने की शिक्षा विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा,विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने, ड्रॉपआउट रोकने एवं अपार आईडी के लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश! Ashok gulati एडिटर इन चीफ

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अपना विद्यालय, अपनी जमीन’ कार्यक्रम के अंतर्गत भूमि पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा, पुस्तकालय एवं खेल मैदान की सुविधाओं पर विशेष जोर

चंपावत : जिलाधिकारी मनीष कुमार के दिशा-निर्देशों के क्रम में बुधवार को जिला सभागार में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी श्री अजय सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार, विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, निर्माण कार्यों की प्रगति एवं विभिन्न शैक्षिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी श्री अजय सिंह ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, ड्रॉपआउट रोकने तथा विद्यालय छोड़ चुके बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों की अपार आईडी से संबंधित लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद में संचालित विद्यावाहिनी प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए शैक्षिक नवाचारों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने क्षतिग्रस्त शौचालयों, चाहरदीवारी एवं किचन शेड की मरम्मत तथा निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही विकसित भारत–जी राम जी के अंतर्गत पात्र कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने पेयजल की समस्या वाले विद्यालयों में जल संस्थान एवं जल निगम के समन्वय से त्वरित कार्यवाही कर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में ‘अपना विद्यालय, अपनी जमीन’ कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालयों की भूमि पंजीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भूमि पंजीकरण से जुड़े लंबित प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने जनपद के ऐसे विद्यालयों की भी समीक्षा की, जहां पुस्तकालय एवं खेल मैदान की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षिक, बौद्धिक एवं शारीरिक विकास के लिए विद्यालयों में पुस्तकालय एवं खेलकूद की सुविधाओं को बढ़ावा देने तथा आवश्यकतानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों की समीक्षा के दौरान उन्होंने एसडीआरएफ के निर्धारित मानकों के अनुरूप मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं की उपलब्धता में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के निर्माणाधीन कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में डायट के प्राचार्य श्री दिनेश खेतवाल ने संस्थान की वार्षिक कार्ययोजना, निर्माण कार्यों, शिक्षक प्रशिक्षण एवं समावेशी शिक्षा के अंतर्गत बच्चों के लिए संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से शिक्षा विभाग के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी चम्पावत भारत जोशी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीपकीर्ति तिवारी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग सुनील दत्ताल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, खंड शिक्षा अधिकारी पाटी संजय भट्ट, खंड शिक्षा अधिकारी बाराकोट कमल भट्ट, प्राचार्य डायट दिनेश खेतवाल, लक्ष्मी शंकर यादव, अवनीश शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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