बिग ब्रेकिंग हल्द्वानी:12 और जाने माने ‘गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल” सहित निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस, अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने पर जिला प्रशासन का सख्त रुख!!✍️ ashok gulati एडिटर इन चीफ

खबर शेयर करें -

नोटिस प्राप्त करने वाले निजी स्कूलों की संख्या पहुंची 101, हड़कंप मचा”!

+इससे पहले हल्द्वानी, लालकुआं, भीमताल, भवाली, रामनगर के स्कूलों को भेजे जा 89 चुके हैं नोटिस,जनपद में नोटिस प्राप्त करने वाले निजी स्कूलों की संख्या पहुंची 101, हड़कंप मचा”..

हल्द्वानी :जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देशों के क्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल द्वारा जनपद के विभिन्न निजी विद्यालयों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों एवं जांच आख्या के आधार पर कार्यवाही करते हुए 12 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में सेंट लॉरेंस स्कूल देवलचौड़ हल्द्वानी, दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल हल्द्वानी, केवीएम पब्लिक स्कूल हीरानगर हल्द्वानी, माउंट लीटेरा जी स्कूल रामपुर रोड हल्द्वानी, दिल्ली पब्लिक स्कूल रामपुर रोड हल्द्वानी, ओरम द ग्लोबल स्कूल हल्द्वानी, जस गोविन स्कूल रामपुर रोड हल्द्वानी, डीएवी स्कूल हल्द्वानी, नैनी वैली स्कूल हल्द्वानी, गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल हल्द्वानी, शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल हल्द्वानी, टीआरवी स्कूल बरेली रोड हल्द्वानी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली एवं भीमताल क्षेत्र के 89 विद्यालयों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब तक नोटिस प्राप्त करने वाले स्कूलों की संख्या 101 हो गई है।

प्रमुख आरोप एवं अनियमितताएं
जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आए कि कई निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी पुस्तकों के अतिरिक्त अत्यधिक महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त कुछ विद्यालयों द्वारा विशिष्ट विक्रेताओं से पुस्तकें एवं अन्य शिक्षण सामग्री क्रय करने हेतु अप्रत्यक्ष दबाव बनाया जा रहा है तथा विद्यालयों की वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाओं का प्रकटीकरण भी नहीं किया गया है।

विधिक आधार एवं निर्देश
यह कार्यवाही ‘बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009’, ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019’ तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। शासन का उद्देश्य शिक्षा को सुलभ, पारदर्शी एवं आर्थिक रूप से न्यायसंगत बनाना है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि

15 दिवस के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी कर एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाए।

किसी भी प्रकार की विक्रेता विशेष की बाध्यता तत्काल समाप्त की जाए।

विद्यालय अपनी वेबसाइट पर पुस्तक सूची एवं शुल्क संरचना का पूर्ण प्रकटीकरण सुनिश्चित करें।

अभिभावकों द्वारा पूर्व में खरीदी गई अनावश्यक पुस्तकों के संबंध में धनवापसी/समायोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

शिक्षण शुल्क के अतिरिक्त वसूले गए विभिन्न अवांछित शुल्कों का समायोजन आगामी महीनों की फीस में किया जाए।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार संबंधित विद्यालय की जांच हेतु विकासखंड स्तरीय संयुक्त जांच समिति गठित की गई है, जो 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या प्रस्तुत करेगी।….

निर्धारित समयसीमा में आदेशों का अनुपालन न करने की स्थिति में संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता निलंबन/निरस्तीकरण सहित विधिक एवं दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी…

जारी नोटिस में कहा गया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है एवं किसी भी प्रकार की अवहेलना को गंभीर उल्लंघन मानते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad