… और जब निकल गई अकड़, जब कड़क आवाज पूछा ,नीली बत्ती लगी कार सवार युवक- युवती से, सामने आई यह सच्चाई..

लालकुआं। रात्रि ग्रस्त कर रहे तेजतर्रार वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीपक बिष्ट को नीली बत्ती लगी प्राइवेट दिल्ली नंबर की कार सरन बजाते हुए आई उसमें युवक युवती को यहां चेकिंग टीम ने रोक कर दिल्ली पुलिस की प्लेट तथा नीली बत्ती लगाने का कारण पूछा ,तो कार चालक युवक ने पुलिस को बताया कि उसके पिता सीआरपीएफ दिल्ली में कमांडेंट है, वह उन्हीं की कार लेकर आया है। सबूत मांगने पर उक्त युवक उन्हें कोई भी सबूत नहीं दे पाया, पुलिस द्वारा पूछने पर पुलिस पर रौब झाड़ने लगा, पुलिस द्वारा कड़क भाषा में पूछने पर खामोश हो गया, उसने बताया कि उसके पिता कमांडेंट हैं, और वह अपनी महिला मित्र को नैनीताल घूमने आए थे वापस दिल्ली जा रहा था, ध्यान देने की बात यह है कि नैनीताल मैं कई दिनों तक प्राइवेट कlर में नीली बत्ती एवं सारण बजाकर घूमते रहे, आखिर’ मित्र पुलिस ‘की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ी , बरहाल लोकप्रिय तेजतर्रार वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीपक बिष्ट ने उक्त कार को सीज कर दिया, तथा युवक की फटकार भी लगाई। इससे पूर्व युवक ” सच्चाई सामने आने पर गिड़गिड़ाता रहा साहब एक बार माफ कर दीजिए, आगे से गलती नहीं होगी ,परंतु वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीपक बिष्ट नहीं माने, उन्होंने कार को सीज कर दिया, कमांडेंट के बेटे का ‘गुरुर चकनाचूर’ हो गया!