हल्द्वानी। भारत एक कर एक देश योजना के तहत मई 2017 में जीएसटी लागू किया गया है, जिसे तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें छोटे कारोबारियों से लेकर दूसरे राज्यों में कारोबार के भी करों को शामिल किया गया है, जीएसटी चोरी और वसूली के लिए आयकर विभाग की टीमें भी गठित हैं, इसके बाद भी कारोबार में जीएसटी की चोरी जोरों पर की जा रही है ,इसके रोकथाम को बनी टीमें नाकाम साबित हो रही है, सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार इन दिनों यूपी राइस मिलो से पैकिंग वाले कट्टों में ला रहे हल्द्वानी बनभूलपुरा आजाद नगर में एक बड़ा नेटवर्क के द्वारा धड़ल्ले से जीएसटी की चोरी की जा रही है, कई कारोबारियों तो कर चोरी शामिल बताए जाते हैं ? जिससे सरकार लाखों रुपए का चूना लग रहा है, क्षेत्र के एक प्रभावशाली के द्वारा मुख्य बाजारों में चावल सामग्री बेचता है, जिसमें दर्जनों करीब दुकानें हैं, जहां पर जीएसटी की चोरी की जा रही है, नाम न छापने की शर्त पर एक चावल कारोबारियों ने बताया कि जीएसटी की चोरी बड़ी आसानी से हो जाती है। किसी भी चावल हो या कोई अन्य सामानों की खरीदारी करते समय 15 फीसद की वस्तु को पक्के पर्चे पर जीएसटी कटाकर व 85 फीसद की वस्तु को कच्चे पर्चे पर खरीदारी करके जीएसटी की लंबी रकम हजम कर जाते हैं। उत्तराखंड के विभागीय अफसरों ने जिले के कई दुकानों में छापमारी कर बीते कई माह में जीएसटी चोरी पकड़ी भी है। …

इधर एंटी क्रेप्शन के जिला अध्यक्ष मुस्तज़र फारुकी पूर्व सभासद पति ने बनभूलपुरा में हो रही जीएसटी चोरी को लेकर मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में उच्च अधिकारियों से जांच करने की मांग की है l