थराली: (गढ़वाल) मुख्यमंत्री ने चेपडो थराली में किया शौर्य महोत्सव का शुभारंभ!👉 अशोक चक्र विजेता शहीद भवानी दत्त जोशी के स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि@

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  •  मुख्यमंत्री ने चेपडो थराली में किया शौर्य महोत्सव का शुभारंभ।
  •  अशोक चक्र विजेता शहीद भवानी दत्त जोशी के स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि।
  •  क्षेत्र के विकास से संबंधित 16.50 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण।
  •  मुख्यमंत्री ने की शौर्य महोत्सव को राजकीय मेला घोषित करने की घोषणा।
  •  उत्तराखण्ड देश की रक्षा के लिये अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले वीर शहीदों तथा शौर्य एवं शांति का संदेश देने वाली भूमि।

       मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चेपडो थराली में अशोक चक्र विजेता शहीद भवानी दत्त जोशी की स्मृति में आयोजित शौर्य महोत्सव का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने शहीद भवानी दत्त जोशी के स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।  
       इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 16.50 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। उन्होंने हर वर्ष शौर्य महोत्सव मेला आयोजित किये जाने, शौर्य महोत्सव को राजकीय मेला घोषित करने के साथ ही कुलसारी मैदान में नदी कटाव हेतू बाढ सुरक्षा कार्य किए जाने, नारायणबगड व नन्दानगर में पार्किग, थराली अस्पताल का उच्चीकरण किये जाने, नन्दानगर में उपनिबन्धक की स्वीकृति, नारायणबगड व देवाल को आने वाले समय में नगर पंचायत बनाये जाने तथा नन्दा राज जात को भव्य बनाने के लिए विस्तृत योजना बनाये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मा राजरजेश्वरी नन्दा देवी मंदिर को मानसखण्ड मंदिर माला मिशन से जोड़ने की भी बात कही।
     मुख्यमंत्री ने ब्रहमताल,सुपताल झलताल को पर्यटन क्षेत्र में लाने के लिए विशेष योजना बनाये जाने, थराली में न्याय पंचायत स्तर पर महिला सेवा संग्रह केन्द्र तथा ग्रेडिंग पैकिंग यूनिट की योजना बनाये जाने, थराली, ग्वालदम डाक बंगले का जीर्णोद्धार किये जाने की भी इस अवसर पर घोषणा की।  
       मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शहीद भवानी दत्त जोशी ने असाधारण शौर्य, दृढ़ता, अनुकरणीय साहस और उच्चकोटि की असाधारण कर्तव्यपरायणता का परिचय देकर सेना की उच्चतम परंपराओं के लिए अपना बलिदान दिया। प्रथम विश्वयुद्ध हो, द्वितीय विश्व युद्ध हो, पेशावर कांड हो, देश की आजादी की लड़ाई हो या आजादी के बाद के युद्ध हों, उत्तराखंड की इस धरती के वीरों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर अपना कौशल दिखाया है और अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। आज भी देवभूमि के नौजवानों की भारत माता की सेवा करना लक्ष्य रहता है।  
         मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक पुत्र होने के नाते उन्होंने सैनिकों के संघर्ष को नजदीक से देखा है। वीर सैनिकों को सम्मानित कर हम स्वयं को सम्मानित महसूस करते हैं। हमारी सेना का मूल रूप से एक ही घोषवाक्य रहा है ’’राष्ट्र प्रथम’’ और इसके लिए हमारे जवान अपना सर्वस्व अर्पित करने को हमेशा तैयार रहते हैं। उत्तराखंड की देवभूमि ने लाखों वीर सैनिक इस देश को दिये हैं, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से यह साबित किया है कि देवभूमि ना केवल समस्त विश्व को शांति का मार्ग दिखला सकती है, वरन शौर्य और वीरता को भी प्रदर्शित कर सकती है।  
        उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश मजबूत हाथों में है। अब सुरक्षा में लगे सैनिकों को दुश्मन की गोलाबारी का जवाब देने के लिए सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। आज मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सेना ’’शठे शाठयं समाचरेत’’ के सिद्धांत का अनुसरण कर अपने सभी दुश्मनों के दांत खट्टे करने का माद्दा रखती है। आज सेना का मनोबल अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है। अब सेना को निर्णय लेने की पूरी छूट है।  
       मुख्यमंत्री ने कहा कि पराक्रम सदैव हमारी सेना के भीतर भरा हुआ था। मगर उस पराक्रम का सम्मान, सैनिकों के जीवन में बदलाव और उनके लिए संवेदनशील होकर निर्णय लेने का काम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया। हमारी सरकार का प्रयास रहता है कि हम शहीदों के अभूतपूर्व योगदान को हमेशा याद रखें। अपने वीर सैनिकों को सम्मान देने के लिए ही उत्तराखंड की वीरभूमि में एक विशिष्ट सैन्य धाम का निर्माण कार्य किया जा रहा है। हमने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रारंभ की हैं। सीमा पर मोदी सरकार ने जहां एक ओर ऑल वेदर रोड बनाई हैं वहीं दूसरी ओर आज मेक इन इंडिया अभियान के तहत बुलेट प्रूफ जैकेट और हथियारों का निर्माण अपने देश में ही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक हम शहीदों के सपनों का उत्तराखंड नहीं बना देते तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, आराम से नहीं बैठेंगे। मुख्यमंत्री ने अंत्योदय के अपने अंतिम लक्ष्य को पूरा करने एवं उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प“ को साकार करने में सभी के सहयोग की अपेक्षा की।

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