


– खटीमा( उधम सिंह नगर) अशोक सरकार ब्यूरो चीफ/दीपक यादव संवाददाता की विशेष रिपोर्ट
चार दशक से गरीब किसान अपनी जमीन के हक के लिए संघर्ष कर रहे थे सरकार आंखें मूंदे बैठी हुई थी परंतु एक समाजसेवी ने ऐसा करिश्मा या की 40 वर्षों बाद गरीब किसानों के चेहरे पर रौनक आ गई और उन्हें अपनी जमीन का मालिकाना हक मिल गया । विवरण के मुताबिकजनपद ऊधम सिंह नगर के सीमांत खटीमा से है। खटीमा तहसील क्षेत्र के जादवपुर तथा सुनपहर गांव में उत्तराखंड और यूपी की सीमा पर बहने वाली प्रवीन नदी यूपी उत्तराखंड का बंटवारा भी करती है। आपको बता दें कि लगभग 40 वर्ष पहले प्रवीन नदी बाढ़ में कटान के कारण यूपी सीमा के अंदर घूम गई थी जिसके कारण उत्तराखंड के जादवपुर, सुनपहर गांव के दर्जनों गरीब किसानों की जमीन दरोगा भगतीनिया फार्म यूपी निवासी बलविंदर सिंह तथा हरपाल सिंह के कब्जे में चली गई, जिस कारण उत्तराखंड के दर्जनों गरीब किसान दिहाड़ी मजदूरी करने को मजबूर हो गए। वहीं इस इस मामले में जमीन वापस दिलाने और नदी का रुख सीधा कराने हेतु खटीमा उप जिला अधिकारी से भी गुहार लगाई गई। तत्पश्चात इस मामले में कंचनपुरी मझोला सहकारी समिति के चेयरमैन तथा वरिष्ठ समाजसेवी जसविंदर सिंह बाजवा उर्फ पप्पू के लगभग 4 माह के अथक प्रयास और सूझबूझ से और ग्रामीणों से आर्थिक सहयोग लेकर नदी के रूख को पूर्व की तरह सीधा कराया गया और आपसी रजामंदी से दर्जनों थारू तथा सिख समाज के गरीब किसानों को उनकी जमीन वापस दिलाई गई। वहीं 40 वर्ष बाद अपनी जमीन वापस पाकर थारू और सिक्ख समाज के दर्जनों गरीब किसानों के चेहरे खिल उठे तथा उन्होंने यूपी निवासी हरपाल सिंह, बलविंदर सिंह तथा चेयरमैन जसविंदर सिंह बाजवा उर्फ पप्पू का हृदय से आभार व्यक्त किया है। वहीं चेयरमैन जसविंदर सिंह बाजवा ने बताया कि लगभग चार माह के अथक प्रयास से समझा बुझाकर, आपसी सहयोग से नदी का रुख सीधा कराकर उत्तराखंड के गरीब किसानों को जमीन वापस कराने में बड़ी सफलता मिली है जिससे सभी लोग काफी खुश हैं। वहीं ग्रामीण गुरमेज सिंह भिन्डर ने अपनी जमीन वापस पाकर खुशी का इजहार किया साथ ही हरपाल सिंह, बलविंदर सिंह तथा चेयरमैन जसविंदर सिंह बाजवा का हृदय से आभार व्यक्त किया। …



वहीं ग्रामीण गुरमेज सिंह भिन्डर ने अपनी जमीन वापस पाकर खुशी का इजहार किया साथ ही हरपाल सिंह, बलविंदर सिंह तथा चेयरमैन जसविंदर सिंह बाजवा का हृदय से आभार व्यक्त किया। वहीं स्थानीय ग्रामीण महिला जयमती राना ने जसविंदर सिंह बाजवा उर्फ पप्पू का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे गांव के लोग 40 वर्ष बाद अपनी जमीन वापस पाकर बेहद खुश हैं। बरहाल विभिन्न पार्टी के नेता चुनाव के समय आते थे और इनका मलिकाना हक के लिए आश्वासन देते थे परंतु जीतने के बाद मुड़ कर भी नहीं देखते थे ग्रामीण 40 वर्ष तक जार करते रहे परंतु इन…




राजनीति दलों के नेताओं ने ठेका ही दिखाया। और चुनाव में अपना उल्लू सीधा करते रहे। वहीं समाजसेवी ने अद्भुत कार्य कर इन गरीब किसानों के चेहरे पर जो खुशी लाई है उनकी खुशी देखते ही बनती है और वह इस समाजसेवी को भगवान के रूप की संज्ञा देते हैं।