देहरादून: कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी से मांगी माफी, विवाद खत्म! Ashok gulati एडिटर इन चीफ

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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने मीका-दलेर को उत्तराखंड आने का दिया न्योता!

देहरादून : टिहरी जिले के कुंजापुरी मेले में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी का कार्यक्रम रोके जाने से उपजे विवाद को शांत करने की पहल हुई है। चर्चा है कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने फोन पर बातचीत के दौरान दलेर मेहंदी से माफी मांगी है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों गायक भाइयों दलेर मेहंदी और मीका सिंह को उत्तराखंड आने का न्योता दिया है। इस घटनाक्रम के बाद मामले का पटाक्षेप हो गया है।

मीका सिंह की टीम ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि कलाकारों के सम्मान और गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। साथ ही उम्मीद जताई कि अब विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय आपसी सम्मान के साथ इसे समाप्त किया जा सकेगा। मीका सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने उनसे और दलेर मेहंदी से बात की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों गायक भाइयों दलेर मेहंदी और मीका सिंह को उत्तराखंड आने का न्योता दिया है। इस घटनाक्रम के बाद मामले का पटाक्षेप हो गया है।

मीका सिंह की टीम ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि कलाकारों के सम्मान और गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। साथ ही उम्मीद जताई कि अब विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय आपसी सम्मान के साथ इसे समाप्त किया जा सकेगा। मीका सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने उनसे और दलेर मेहंदी से बात की।

यह था विवाद
विवाद की शुरुआत सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान हुई थी। कार्यक्रम के बीच मंत्री सुबोध उनियाल ने हस्तक्षेप करते हुए गायक पर लिप-सिंक करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और मीका सिंह ने सार्वजनिक रूप से अपने बड़े भाई के समर्थन में प्रतिक्रिया दी थी।

नरेंद्रनगर में कुंजापुरी मेले के दौरान हुए घटनाक्रम के आलोक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार दूसरे दिन भी सक्रिय रहे। बीते दिवस उन्होंने प्रसिद्ध पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के भाई मीका सिंह से बात की थी और शुक्रवार को दलेर मेहंदी से फोन पर बातचीत कर उनकी कुशलक्षेम जानी।इस दौरान नरेंद्रनगर के घटनाक्रम को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड की अतिथि सत्कार की परंपरा का उल्लेख करते हुए आपसी संवाद, सौहार्द और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड ‘अतिथि देवो भव:’ की समृद्ध परंपरा का संवाहक है। राज्य की लोकसंस्कृति, आत्मीय आतिथ्य और आपसी सद्भाव की भावना ही देवभूमि की विशिष्ट पहचान है।

यहां कला, संस्कृति और कलाकारों का सदैव स्वागत एवं सम्मान किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराएं सभी के प्रति सम्मान और आत्मीयता का संदेश देती हैं।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विगत दिनों हुए घटनाक्रम को पीछे छोड़ते हुए आपसी संवाद और सौहार्द की भावना के साथ आगे बढ़ने का प्रयास किया जाना चाहिए।

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