
हल्द्वानी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की कथित टिप्पणी को लेकर पहाड़ी आर्मी में आक्रोश देखने को मिला। विरोध में पहाड़ी आर्मी के कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
पहाड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान, पर्वतीय समाज की अस्मिता और यहां की संस्कृति का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को किसी भी समाज या क्षेत्र के संबंध में टिप्पणी करते समय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।
हरीश रावत ने कहा कि पहाड़ी समाज अपनी संस्कृति, परंपराओं और स्वाभिमान के प्रति सजग है। यदि किसी टिप्पणी से पर्वतीय समाज की भावनाएं आहत होती हैं, तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों शब्द का प्रयाग उग्रवादियों और आतंकवादियों के लिए किया जाता है अखिलेश यादव को पड़ोसी समाज के लोगों से माफी मांगनी चाहिए नहीं तो आने वाले दिनों में उनका विरोध और जबरदस्त होगा उत्तराखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष को भी स्पष्टीकरण देना चाहिए
पुतला दहन के दौरान पहाड़ी आर्मी के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।
पहाड़ी आर्मी ने स्पष्ट किया कि पर्वतीय समाज की अस्मिता, सम्मान और स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों पर संगठन अपनी आवाज उठाता रहेगा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष राजेंद्र कांडपाल, प्रदीप रौतेला,फौजी रमेश रावत, आनंद सिंह कन्याल, प्रेमा मेर अंजू पांडे, कविता जीना, रेखा बिष्ट,नीम भट्ट, मोहन कांडपाल, कमलेश खंडूरी,मोहन पाटनी,राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु, मोहन बोरा,फौजी पूरन चद्र, नवीन टम्टा,संजय बिष्ट|

