ताड़ीखेत: [रानीखेत] ‘मिलनसार महोत्सव’ का भव्य आयोजन: उमड़े जनसैलाब के बीच पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष करण मेहरा ने की शिरकत, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का दिखा अनूठा संगम! संदीप पाठक ब्यूरो चीफ

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ताड़ीखेत: [रानीखेत]
विधानसभा क्षेत्र के ताड़ीखेत में आयोजित ‘मिलनसार महोत्सव’ बेहद हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस महोत्सव में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए सम्मानित क्षेत्रवासियों और जनसमुदाय का भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व विधायक, कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) सदस्य एवं पूर्व उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष करण मेहरा ने देवतुल्य जनता से सीधा संवाद कर उनका कुशलखेम जाना और क्षेत्र के विकास व जनभावनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।
महोत्सव के दौरान पूरे क्षेत्र में एक अलग ही रौनक देखने को मिली। ग्रामीणों के बीच दिखाई देने वाला उत्साह, अपनापन और आपसी सद्भाव इस बात का प्रतीक रहा कि रानीखेत की जनता आज भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है।

सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता को मिली नई ऊर्जा

इस अवसर पर मुख्य अतिथि करण मेहरा ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘मिलनसार महोत्सव’ जैसे भव्य आयोजन हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और क्षेत्रीय पहचान को एक नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आधुनिकता के इस दौर में ऐसे कार्यक्रम न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का काम करते हैं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता, भाईचारे और पारस्परिक सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं।
आयोजन समिति के कुशल प्रबंधन की सराहना

समारोह को ऐतिहासिक और यादगार बनाने में आयोजन समिति के समर्पण और कुशल प्रबंधन की मुख्य अतिथि द्वारा हर तरफ सराहना की गई। उन्होंने महोत्सव की पूरी आयोजन समिति, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों को इस शानदार सफलता के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं।

परंपरा और आपसी प्रेम ही रानीखेत की पहचान

कार्यक्रम के समापन पर क्षेत्र की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए करण मेहरा ने कहा कि रानीखेत की असली खूबसूरती यही है कि यहाँ के लोग अपनी परंपराओं, संस्कृति और आपसी प्रेम को हमेशा प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने वाले ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे और हमारी विरासत को और सशक्त बनाएंगे।

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