पंतनगर:मानव तस्करी पर कसेगा शिकंजा, होगा राज्यस्तरीय मंथन,IG कुमाऊँ एवं SSP ऊधम सिंह नगर ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश!! ashok gulati एडिटर इन चीफ

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तस्करी की रोकथाम एवं पीड़ितों के प्रभावी पुनर्वास को लेकर 09 अक्टूबर को पंतनगर में राज्य स्तरीय मानव तस्करी सम्मेलन

पंतनगर :आज मानव तस्करी जैसे गंभीर एवं संगठित अपराध के प्रभावी रोकथाम, नियंत्रण एवं उन्मूलन को लेकर दिनांक 09 अक्टूबर 2026 को पंतनगर विश्वविद्यालय के गांधी हॉल में राज्यस्तरीय सेमिनार/कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर आज पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र, नैनीताल श्रीमती निवेदिता कुकरेती एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर श्री अजय गणपति द्वारा कार्यक्रम स्थल गांधी हॉल, पंतनगर विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं एवं अन्य आवश्यक तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया गया।

पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र द्वारा संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा आयोजन में प्रतिभाग करने वाले अतिथियों एवं अधिकारियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर श्री अजय गणपति द्वारा भी आयोजन को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने तथा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए।

मानव तस्करी के विरुद्ध प्रभावी रणनीति पर होगा मंथन

राज्यस्तरीय सेमिनार का उद्देश्य मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के संरक्षण एवं पुनर्वास, तस्करी के संगठित नेटवर्क पर प्रभावी कार्यवाही तथा विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने को लेकर व्यापक विचार-विमर्श एवं प्रभावी रणनीति तैयार करना है।

सेमिनार के दौरान मानव तस्करी से जुड़े विभिन्न पहलुओं, वर्तमान चुनौतियों, अपराध के बदलते स्वरूप तथा इसके विरुद्ध प्रभावी पुलिसिंग एवं जनजागरूकता को लेकर विशेषज्ञों एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा अपने विचार साझा किए जाएंगे।…

IG कुमाऊँ एवं SSP ने दिए बेहतर समन्वय के निर्देश

निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्यस्तरीय आयोजन की गरिमा एवं महत्व के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की एवं व्यवस्थित रखी जाएं। साथ ही कार्यक्रम को सकुशल एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित इकाइयों के मध्य बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

मानव तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही एवं पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में यह राज्यस्तरीय मंथन महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

सीमा पार मानव तस्करी पर कसेगा शिकंजा, पंतनगर में होगा राज्य स्तरीय मंथन
मानव तस्करी की रोकथाम एवं पीड़ितों के प्रभावी पुनर्वास को लेकर 09 अक्टूबर को पंतनगर में राज्य स्तरीय मानव तस्करी सम्मेलन
मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के प्रभावी बचाव एवं पुनर्वास तथा तस्करी के अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से 09 अक्टूबर 2026 को पंतनगर में राज्य स्तरीय मानव तस्करी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
सम्मेलन में उत्तराखण्ड सहित 06 राज्यों के पुलिस अधिकारी, नेपाल की सामाजिक संस्था ‘मैती’ के प्रतिनिधि, पुलिस-प्रशासन, अर्द्घ सैनिक बल, सुरक्षा एजेंसियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के करीब 134 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड के कुछ जनपदों के SSP/SP, 13 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के नोडल अधिकारी, AHTU प्रभारी एवं पुलिसकर्मी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समितियों तथा विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में शामिल होंगे।
कुमाऊँ में सामने आए मानव तस्करी के प्रमुख मामले
उत्तराखंड में मानव तस्करी के विभिन्न मामलों में पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को सुरक्षित बचाया गया है। सम्मेलन में ऐसे मामलों से प्राप्त अनुभवों एवं चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएगी।

  • वर्ष 2018-19 में ऊधमसिंहनगर में नेपाल की 16 महिलाओं को मानव तस्करी कर भारत लाते समय सीमा क्षेत्र से बरामद/रेस्क्यू किया गया था।
  • वर्ष 2021 में पिथौरागढ़ में मां एवं सौतेले पिता द्वारा दो नाबालिग बेटियों को करीब 90 हजार रुपये में राजस्थान के अजमेर के लोगों को बेचे जाने का मामला सामने आया, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया।
  • वर्ष 2022 में ऊधमसिंहनगर में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ, जिसमें हरियाणा, दिल्ली एवं नेपाल से युवतियों को लाकर देह व्यापार कराया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन महिलाओं को मुक्त कराया।
  • वर्ष 2023 में हल्द्वानी में पुलिस ने एक नाबालिग बालिका को बरामद किया। जांच में सामने आया कि किशोरी को नशे के इंजेक्शन दिए जाते थे और उसे मानव तस्करी/देह व्यापार से जुड़े नेटवर्क में धकेला जा रहा था।
  • वर्ष 2025 में काशीपुर में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया, जिसमें नेपाल से नौकरी का झांसा देकर लाए गए 32 युवकों को एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया था।
  • वर्ष 2025 में कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को आकर्षक नौकरी का झांसा देकर विदेश ले जाने तथा बाद में म्यांमार के साइबर स्कैम सेंटरों में पहुंचाकर साइबर ठगी करने के लिए मजबूर किए जाने के मामले भी सामने आए।
    विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा साझा किए जाएंगे अनुभव
    सम्मेलन में मानव तस्करी की रोकथाम एवं पीड़ितों के पुनर्वास के क्षेत्र में कार्य कर रहे विशेषज्ञ अपने अनुभव एवं महत्वपूर्ण सुझाव साझा करेंगे। प्रस्तावित वक्ताओं में—
    डॉ0 वी. मुरगेशन अपर पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड
    श्रीमती निवेदिता कुकरेती, पुलिस महानिरीक्षक, कुमांयू परिक्षेत्र
    श्री पी.एम. नायर, से0निवृत्त पुलिस महानिदेश एनडीआरएफ
    श्री जनक बहादुर चंद, संस्थापक/सचिव एसडब्लू आरसी एनजीओ बनबसा, चम्पावत
    श्री राजेश मनी, संस्थापक, मदद फाउंडेशन इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन
    श्री रविकान्त नेशनल संयोजक जस्ट राईट फॉर चिल्ड्रन फाउन्डर शक्ति वाहिनी एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट ऑफ इण्डिया
    श्री जी.सी. पंचोली,संयुक्त निदेशक (विधि)
    सुश्री अपर्णा अवस्थी, एपीओ
    वरिष्ठ उप निरीक्षक अन्जु कुमार सिंह हरिद्वार
    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर
    प्रमुख रूप से शामिल हैं।
    सीमा पार तस्करी एवं साइबर माध्यमों पर विशेष फोकस
    पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र श्रीमती निवेदिता कुकरेती के निर्देशन में सम्मेलन की तैयारियां की जा रही हैं। सम्मेलन में सीमा क्षेत्रों की निगरानी, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय, साइबर माध्यमों से मानव तस्करी, पीड़ितों की पहचान एवं रेस्क्यू, सुरक्षित पुनर्वास तथा तस्करी में संलिप्त गिरोहों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई पर विशेष रूप से मंथन किया जाएगा।
    उत्तराखंड पुलिस द्वारा मानव तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों एवं राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मानव तस्करी के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना तथा पीड़ितों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। …..

“उत्तराखंड पुलिस का संकल्प”
मानव तस्करी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, पीड़ितों की सुरक्षा एवं सुरक्षित समाज का निर्माण ।

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