
भीमताल : उत्तराखंड आन्दोलन के दौरान 2अक्टूबर 1994 को तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार के द्वारा जिस प्रकार राज्य आन्दोलन कारियो के ऊपर बर्बर तरीके से पुलिस बल का प्रयोग किया यथा मां बहिनों के साथ अत्याचार किया यह कुकर्त्य कभी भी भूलने लायक नहीं है राज्य आंदोलनकारी प्रेम सिंह कुल्याल ने बताया कि भीमताल से भी दो बसें दिल्ली संसद भवन घेराव को गई रामपुर चौराहे पर पुलिस द्वारा हमारी भी बस रोकने का प्रयास किया परंतु हम लोगों ने सूझ बूझ का परिचय देकर बस अन्य रास्ते से दिल्ली पहुंची सुबह समाचार पत्रों में रामपुर चौराहे की घटना देखी और सुनी तो आज भी दिल कांप उठता है परंतु आज तक शहीदों के सपनों का राज्य अधूरा है
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