रानीखेत : आशा कार्यकर्ताओं ने 7 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी! संदीप पाठक की रिपोर्ट

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रानीखेत। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (एटक) ने आशा कार्यकर्ताओं की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। यूनियन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा, पेंशन, मानदेय बढ़ाने सहित 7 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन किया गया। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो 24 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 22 नवंबर 2026 को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच किया जाएगा तथा मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

यूनियन की प्रमुख मांगों में आशा कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय ₹11,500 किए जाने संबंधी प्रस्ताव लागू करना, न्यूनतम वेतन एवं कर्मचारी का दर्जा देने के साथ सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की व्यवस्था करना, रिटायरमेंट पर ₹10 लाख की एकमुश्त धनराशि देने, नेशनल हेल्थ मिशन का बजट बढ़ाने, आशाओं को मनमाने ढंग से हटाने पर रोक लगाने तथा सरकारी अस्पतालों में रिक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद भरने की मांग शामिल है।

यूनियन ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन उनके कार्य के अनुरूप मानदेय एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है।

धरना-प्रदर्शन में अध्यक्ष कमला जोशी, नेहा माहरा, कुसुम जोशी, शोभा पंत, शांति देवी, शीला चौधरी, आशा बिष्ट, होरा नेगी, गीता भंडारी, शोभा बिष्ट, अलका जोशी, चम्पा मेहरा, शांति रावत, नन्दी पवन, माया, गरिमा सिंह, लीला जोशी, भगवती देवी, पूनम बिष्ट एवं गीता देवी सहित अन्य आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

यूनियन ने सरकार से निर्धारित तिथियों से पहले मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की है।

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