लामाचौड़: [नैनीताल]एसएसपी के निर्देशन में पुलिस संचार शाखा ने जीआईसी में किया ‘डायल 112’ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन,छात्रों ने लिया सक्रिय भाग, ली सुरक्षा और नागरिक दायित्वों की सीख! ashok gulati एडिटर इन चीफ

खबर शेयर करें -

लामाचौड़: [नैनीताल] वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टी.सी. के कुशल निर्देशन में नैनीताल पुलिस द्वारा जनपद में चलाए जा रहे व्यापक जागरूकता अभियानों के क्रम में पुलिस अधीक्षक संचार श्री रेवाधर मठपाल के पर्यवेक्षण एवं निरीक्षक पुलिस दूरसंचार श्री राजकुमार बिष्ट के नेतृत्व में आज राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) लामाचौड़ में ‘डायल 112’ जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस संचार शाखा की टीम ASI शांति नैनवाल और LC रश्मि शाहू द्वारा छात्र-छात्राओं को उत्तराखंड पुलिस की आपातकालीन सेवा ‘डायल 112’ के महत्व, उपयोग और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी आपात स्थिति—जैसे दुर्घटना, चिकित्सीय आपातकाल, महिला या बाल सुरक्षा से जुड़ी समस्या, या किसी भी आपराधिक घटना की सूचना — तुरंत इस नंबर पर देकर सहायता प्राप्त की जा सकती है।

सत्र का मुख्य आकर्षण स्मार्टफोन में दिए जाने वाले ‘एसओएस’ (SOS) फीचर की जानकारी रहा। पुलिस टीम ने छात्रों और शिक्षकों को व्यावहारिक रूप से बताया कि कैसे मोबाइल के पावर बटन को लगातार दबाकर या शॉर्टकट के जरिए एसओएस एक्टिवेट किया जाता है। इससे संकट के समय बिना डायल किए ही पुलिस, परिवार के सदस्यों या रजिस्टर्ड आपातकालीन नंबरों पर तुरंत लोकेशन के साथ अलर्ट और कॉल पहुंच जाती है।

बच्चों को यह भी समझाया गया कि आपातकालीन नंबरों और एसओएस फीचर्स का उपयोग केवल वास्तविक संकट के समय ही किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के फर्जी या गलत इस्तेमाल से बचा जा सके और जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।

जागरूकता सत्र के दौरान स्कूली छात्रों ने अत्यंत उत्साह दिखाया और पुलिस अधिकारियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए तथा अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। नैनीताल पुलिस द्वारा इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में कम उम्र से ही सुरक्षा और नागरिक दायित्वों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

विद्यालय प्रबंधन और उपस्थित शिक्षकों ने नैनीताल पुलिस के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियानों को जारी रखने का अनुरोध किया।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad