‘चूक हुई तो जनता से माफी, जांच एजेंसियां प्रमाण दें:” हरदा :
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देहरादून: 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व ही कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है,: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से उनके पूर्व OSD चंदन सिंह जीना से जुड़े मामले में कार्रवाई और नकदी व आभूषण बरामद होने की सूचना पर सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है|ध्यान देने की बात यह है कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की VPDO परीक्षा-2016 में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है।
ED के देहरादून सब-जोनल कार्यालय की टीम ने देहरादून में कई ठिकानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व OSD एवं PA रहे चंदन सिंह जीना के आवास से बड़ी मात्रा में नकदी, सोना और महंगी घड़ियां बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
, तलाशी के दौरान चंदन सिंह जीना के आवास से करीब 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, लगभग 200.5 ग्राम सोने के सिक्के और चेन तथा 12 लग्जरी घड़ियां बरामद की गई हैं।
एजेंसी ने यह कार्रवाई UKSSSC की VPDO परीक्षा में कथित बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की है।
कई ठिकानों पर ED की एक साथ कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, ED की टीम ने देहरादून में मामले से जुड़े कई लोगों और ठिकानों पर तलाशी ली। जांच के दायरे में तत्कालीन UKSSSC अध्यक्ष-सचिव, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, OMR शीट की प्रोसेसिंग से जुड़ी निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित बिचौलियों के ठिकाने भी शामिल रहे।
जांच एजेंसी ने साल 2014 से 2017 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में OSD और PA रहे चंदन सिंह जीना के आवास की भी तलाशी ली।
क्या है UKSSSC VPDO परीक्षा-2016 मामला?
ED की कार्रवाई UKSSSC की VPDO परीक्षा-2016 में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में हुई है। यह मामला देहरादून के थाना विजिलेंस में दर्ज FIR और उससे संबंधित तीन अन्य FIR पर आधारित बताया गया है।
जांच एजेंसी कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है। इसी क्रम में मामले से जुड़े तत्कालीन अधिकारियों, परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित निजी एजेंसी और कथित बिचौलियों के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
तलाशी में क्या-क्या मिला?
ED की कार्रवाई के दौरान सामने आई बरामदगी के मुताबिक:

करीब ₹32 लाख बेहिसाबी नकदी
लगभग 200.5 ग्राम सोना
सोने के सिक्के और चेन
12 लग्जरी घड़ियां
एजेंसी अब बरामद संपत्ति और दस्तावेजों के आधार पर मामले में आगे की जांच कर सकती है।
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच तेज
UKSSSC VPDO परीक्षा-2016 में कथित अनियमितताओं के मामले में ED अब वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। तलाशी के दौरान बरामद नकदी, सोना, घड़ियों और अन्य संभावित दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
ED की इस कार्रवाई के बाद UKSSSC VPDO परीक्षा मामले में कथित अनियमितताओं और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच और तेज होने की संभावना है।दौरान नियुक्तियों में हमसे कोई एरर ऑफ़ जजमेंट हो गया है, तो मैं उसके लिए उत्तराखंड के लोगों से क्षमा प्रार्थी हूँ। मगर मैं विनम्रता पूर्वक अपना यह दावा दोहराना चाहता हूं कि हमारे 3 वर्ष के कार्यकाल में 42000 से ज्यादा सरकारी पदों पर भर्तियां हुई हैं।
हमने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन के पद पर जिस व्यक्ति को नियुक्त किया था, जिन्हें मैंने ही शिकायत मिलने के बाद हटाया या उनसे इस्तीफा माँगा, जो भी जिस रूप में भी कह लिया जाए। उनकी नियुक्ति पिछले सेवा रिकॉर्ड के आधार पर की गई थी। वो जिस वर्ग से आते थे, मैं चाहता था कि सत्ता में उस वर्ग की भी हिस्सेदारी हो और उनकी नियुक्ति के विषय में मुझे सबसे प्रभावी सलाह तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी जी ने दी थी। वो दो बार मेरे पास उनकी नियुक्ति के संदर्भ में मिलने आए थे। मेरी आज भी धारणा है कि खंडूरी जी भ्रष्टाचार के समन के लिए हमेशा काम करते रहे। मैं इतना और बताते चलूँ कि कौन व्यक्ति कहाँ पर गलती कर दे, कोई नहीं जान सकता है। क्या आरएसएस ने जाना होगा कि जिस व्यक्ति को उत्तराखंड के अपने पर्यावरण मंच का अध्यक्ष बना रहे हैं, वो व्यक्ति इस तरीके के भ्रष्ट कृत्य करेगा? और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष के रूप में कलंकित होगा!
नियुक्तियों व परीक्षाओं में गड़बड़ी हमारी आने वाली पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और यदि मुझसे जाने-अंजाने में भी कोई ऐसा कृत्य हुआ है, जिससे हमारे राज्य के नौजवानों के भविष्य पर दुष्प्रभाव पड़ा है, तो उसके लिए मैं अपने को प्रताड़ना का पात्र मानता हूं और मैं राज्य के लोगों से इस चूक के लिए क्षमा चाहता हूं और मैं सार्वजनिक रूप से एक अपील भी करना चाहता हूं कि यदि किसी व्यक्ति को इस तरह की की नियुक्तियों के मामले में हस्तक्षेप करने की मेरी संलिप्तता के कोई प्रमाण उनके पास हों तो वो उन प्रमाणों को सीबीआई, ईडी या राज्य पुलिस को जरूर उपलब्ध करवाएं। क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति को जिसे बड़े दायित्व को संभालने का अवसर मिलता है तो उन्हें हमेशा इस तरीके के घृणित प्रलोभनों से बचना चाहिए और यदि मुझसे कोई ऐसी चूक हुई है तो पुनः दोहरा रहा हूं कि मैं अपने को दंड का पात्र समझता हूं और कानून को मुझे दंडित करना चाहिए।हरीश रावत ने कहा कि वह किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, इसलिए उनके इस्तीफे का सवाल नहीं उठता। हालांकि, वह उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य होने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी के स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं। उन्होंने इन दोनों जिम्मेदारियों से हटने का निर्णय लिया|