सैनिक परिवार से आता हूं, सैनिकों और उनके परिवारों से मेरा गहरा भावनात्मक जुड़ाव” : मुख्यमंत्री











✅ मुख्यमंत्री ने वीर नारियों और वीरता पदक विजेता को किया सम्मानित, शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि




बनबसा :भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा में.मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत सैनिक स्मारक एवं झंडा पार्क का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। एसएसबी जवानों द्वारा बिगुल वादन के बीच मा. मुख्यमंत्री सहित उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर शहीदों को नमन किया।
नेपाल-भारत सीमा के प्रमुख सीमांत क्षेत्र में नवनिर्मित शहीद स्मारक का लोकार्पण एवं विशाल राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया गया। इस अवसर पर मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे अत्यंत गौरव और सम्मान का क्षण बताया।
मा0 मुख्यमंत्री ने कहा मा0 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में देश के अंतिम गांव या क्षेत्र कहे जाने वाले इन सीमावर्ती इलाकों को अब भारत के ‘पहले क्षेत्र’ की संज्ञा दी गई है। मा0 प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमेशा से ही देश के सैनिकों, उनके परिवारों के कल्याण और उनके अमर संस्मरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
मा0 मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं स्वयं एक सैनिक का पुत्र हूँ, इसलिए सैनिकों के सम्मान हेतु इस पावन कार्य में सहभागी बनना मेरे लिए अत्यंत भावुक और गर्व की बात है।” उन्होंने कहा कि यह शहीद स्मारक आने वाली पीढ़ियों को सदैव यह याद दिलाता रहेगा कि हमारे देश के वीर जवान किन विषम और कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा में डटे रहते हैं।
यह स्मारक युवाओं को देश सेवा, त्याग और समर्पण की निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।उन्होंने राज्य की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा पूरा प्रदेश वीर सैनिकों की भूमि है, जहाँ लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य देश की सेना या अर्धसैनिक बलों के माध्यम से राष्ट्र की सुरक्षा में अपना योगदान दे रहा है।
मा.मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में वीर नारियों एवं वीरता पदक विजेताओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने वीर नारी श्रीमती सरस्वती देवी (पत्नी स्व. सिपाही उत्तम चन्द), श्रीमती लक्ष्मी देवी (पत्नी स्व. हवलदार किशन सिंह), श्रीमती कमला देवी (पत्नी स्व. गार्डसमैन दुर्गादत्त), श्रीमती खीमा देवी (पत्नी स्व. नायक हयात सिंह), श्रीमती माया चन्द (पत्नी स्व. सिपाही ललित मोहन), श्रीमती सरस्वती देवी (पत्नी स्व. ला. ना. जय बहादुर चन्द), श्रीमती ललिता चन्द (पत्नी स्व. सिपाही प्रेम चन्द), श्रीमती गीता देवी (पत्नी स्व. नायक जगदीश सिंह) तथा श्रीमती पिंकी रैसवाल (पत्नी स्व. सिपाही राहुल रैसवाल) को सम्मानित किया। इसके साथ ही वीर माता श्रीमती लक्ष्मी देवी (माता स्व. नायक खीम सिंह) तथा वीरता पदक विजेता सूबेदार गोपाल दत्त शर्मा (सेना मेडल) को भी सम्मानित किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने वीर नारियों एवं भूतपूर्व सैनिकों से संवाद किया और एसएसबी जवानों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में सैनिकों का योगदान सर्वोपरि है और सैनिकों तथा उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (से.नि.), एसएसबी कमांडेंट श्री सुरेंद्र विक्रम सहित अन्य अधिकारी, सेवानिवृत सैनिक, वीर माताएँ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।