चंपावत:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में बदला ग्रामीण अर्थव्यवस्था का परिदृश्य: निलोटी गांव की महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई इबारत..!✍️ ashok gulati एडिटर इन चीफ एक्सक्लूसिव

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चंपावत ।

✅ मुख्यमंत्री की दूरदर्शी नीतियों से पंख लगाती महिला शक्ति: ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से निलोटी की महिलाएं बनीं सफल उद्यमी

सशक्तिकरण की नई मिसाल: निलोटी गांव की सफलता की गाथा

✅ मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी सोच के अंतर्गत राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और महिला शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

✅ मुख्यमंत्री की “सशक्त महिला, समृद्ध उत्तराखंड” की संकल्पना को धरातल पर उतारते हुए चम्पावत जनपद के विकासखंड पाटी स्थित सुदूरवर्ती ग्राम निलोटी ने आजीविका और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। …

‘ग्रामोत्थान परियोजना’ के माध्यम से गांव की ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर स्थानीय स्तर पर ही स्थायी स्वरोजगार से जोड़ा गया है, जिससे उनके जीवन में आर्थिक स्वावलंबन का नया सवेरा आया है।

पूर्व में निलोटी गांव की महिलाएं व्यक्तिगत स्तर पर सीमित संसाधनों के साथ पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन का कार्य करती थीं। बाजार तक सीमित पहुंच और आय के पर्याप्त साधन न होने के कारण उन्हें अपनी मेहनत का उचित फल नहीं मिल पाता था। महिलाओं की इस समस्या के स्थायी समाधान और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग एवं तकनीकी मार्गदर्शन से गांव की 7 महिलाओं को एकजुट किया गया। इन महिलाओं ने साथ मिलकर ‘श्री भूमिया देवता स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया और गांव में ही सीबीओ (CBO) स्तर की एक आधुनिक सामूहिक डेयरी इकाई की स्थापना की।

इस महत्वाकांक्षी डेयरी परियोजना को कुल ₹10.00 लाख की लागत से स्थापित किया गया है। योजना के अंतर्गत ग्रामोत्थान परियोजना द्वारा ₹6.00 लाख का वित्तीय अनुदान प्रदान किया गया, जबकि परियोजना के समन्वय से ₹3.00 लाख का बैंक ऋण सुलभ कराया गया और शेष ₹1.00 लाख का अंशदान स्वयं सहायता समूह की सदस्य महिलाओं द्वारा किया गया। वर्तमान में इस डेयरी यूनिट में वैज्ञानिक एवं आधुनिक प्रबंधन के तहत 7 गायों तथा 1 भैंस का सुचारू पालन-पोषण किया जा रहा है, जिससे प्रतिदिन औसतन 45 से 50 लीटर गुणवत्तापूर्ण दूध का उत्पादन हो रहा है।

समूह की महिलाओं ने आपस में सुव्यवस्थित कार्य-विभाजन करते हुए दुग्ध उत्पादन, संग्रहण, गुणवत्ता जांच और स्थानीय बाजार में विपणन का संपूर्ण जिम्मा स्वयं संभाला है। इस संगठित उद्यम के बल पर आज समूह की प्रत्येक महिला सदस्य प्रति माह लगभग ₹15,000 से ₹20,000 की सम्मानजनक आय अर्जित कर रही है।

मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्वरोजगार अभियानों और सरकारी योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन से स्थापित इस डेयरी इकाई ने न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, उद्यमशीलता और निर्णय लेने की क्षमता का भी विकास किया है। ग्राम निलोटी की यह सफलता यह साबित करती है कि सही दिशा और सरकारी प्रोत्साहन से प्रदेश की मातृशक्ति आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में मुख्य भूमिका निभा रही है।

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