heading देहरादून: मुख्यमंत्री धाकड़ धामी के आदेश से ‘गदगद’ हुए व्यवास्यी! Ashok Gulati editor in chief

खबर शेयर करें -

”अब उधोगों की स्थापना को बल मिलेगा,फायर एन ओ सी लेना हुआ अब आसान,राज्य के वरिष्ठ व्यवसायी एवं रुद्रपुर मंडी परिषद के पूर्व चेयरमैन बलदेव छाबड़ा, खटीमा के वरिष्ठ व्यवसायी पवन अग्रवाल, राइसमिल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र जुनेजा (राजू), होटल व्यवसायी एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी मुकेश गुप्ता, पटाखा एसोसिएशन सहित मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है”…

देहरादून :उत्तराखंड सरकार ने अग्नि सुरक्षा मानकों में उदारता दिखाते हुए व्यवसायियों को बड़ा तोहफा दे एन ओ सी प्राप्त करने में होने वाली कठिनाइयों को दूर कर देने के कारण राज्य में अब उधोगों की स्थापना में चार चंद लगने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि अग्नि सुरक्षा मानकों में उत्तराखंड निर्माण के बाद से आज तक कोई भी बदलाव नहीं हुआ था, जिस कारण विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस राज्य में उद्योगों की स्थापना में यह मानक एक अवरोधक के रूप में कार्य कर रहा था।
सी एम धामी के सख्त आदेशों के बाद अग्नि सुरक्षा मानकों में बदलाव कर सरकार ने राज्य में उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने के दरवाजे खोल दिए हैं। इससे रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे ही, साथ ही वे पुराने उद्योग जिन्हें अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलने के कारण बंद होने की कगार पर थे, उन्हें भी राहत मिलेगी।
उत्तराखंड शासन में सचिव श्री शैलेश बगोली द्वारा 6 मई को जारी आदेशों में कहा गया है कि राज्य में उद्योगों एवं अन्य प्रतिष्ठानों के लिए 12 मीटर से कम ऊँचाई लेकिन 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल या इससे कम क्षेत्रफल वाले लो-राइज़ या मिक्स्ड ऑक्यूपेंसी भवनों की अग्नि सुरक्षा की ढांचागत व्यवस्था में और नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के भाग 4 में संशोधन कर दिया गया है।
बगोली ने अपने आदेश में कहा कि उद्योगों और व्यवसायियों को अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए सरकार ने नियमों में व्यापक संशोधन किए हैं।
बदलाव किए जाने वाले नियमों में पहुँच मार्ग, स्मोक मैनेजमेंट, फायर एक्सटिंग्विशर, होज़ रील, फायर वाटर टैंक, फायर पंप, स्प्रिंकलर सिस्टम, सेटबैक सहित मैनुअल पॉइंट आदि नियमों में काफी उदारता बरती गई है।
राज्य में कैमिकल फैक्ट्री, पटाखा फैक्ट्री, अस्पताल, मॉल, होटल, रिसॉर्ट, ढाबा, रेस्टोरेंट व अन्य प्रकार के प्रतिष्ठानों को इन नियमों से काफी राहत मिलेगी।
राज्य के वरिष्ठ व्यवसायी एवं रुद्रपुर मंडी परिषद के पूर्व चेयरमैन बलदेव छाबड़ा, खटीमा के वरिष्ठ व्यवसायी पवन अग्रवाल, राइसमिल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र जुनेजा (राजू), होटल व्यवसायी एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी मुकेश गुप्ता, पटाखा एसोसिएशन

अध्यक्ष अक़राम अंसारी, खटीमा हॉस्पिटल एसोसिएशन के
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. भावेश मलनकिया, हरिद्वार एसोसिएशन के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुशील शर्मा,
काशीपुर आईएमए के पदाधिकारी डॉ. त्रिभुवन अग्रवाल,
उत्तराखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष राजीव घई, भाजपा के
वरिष्ठ नेता भारत भूषण चुग एवं खटीमा नगर पालिका अध्यक्ष रमेश जोशी
(रामू) सहित अनेक व्यवसायियों ने सरकार द्वारा अग्नि सुरक्षा

नियमों में दिखाई गई उदारता हेतु प्रदेश के मुखिया, मुख्यमंत्री श्रीपुष्कर सिंह धामी का आभार प्रकट किया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य भर के अस्पतालों के चिकित्सकों
द्वारा श्री धामी से उनके खटीमा स्थित आवास पर भेंट कर
अग्निसुरक्षा नियमों में संशोधन की मांग की थी। अब, उनकी मांग पूरी होने के बाद राज्य के चिकित्सकों ने श्री
धामी के प्रति आभारव्यक्त करते हुए कहा कि राज्य निर्माण के बाद यह पहली बात हुआ है किसी मुख्यमंत्री ने इन नियमों में बदलाव किया है।
दरअसल एन बी सी के कड़े नियमों के कारण, विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों
वाले राज्य में फायर एनओसी प्राप्त करना जटिल कार्य था। अब मुख्यमंत्री श्री धामी के प्रयासों से यह प्रक्रिया काफी सरल हो गई है, जिसके चलते व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad