बिग ब्रेकिंग उधम सिंह नगर में: इनोवा कार में कछुओं की तस्करी@173 जिंदा कछुए मिले ! अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों में$ कस्टम अधिकारियों की टीम पर हथियार तान कर 4 भागे तस्कर&

खबर शेयर करें -

उधम सिंह नगर(. विशेष संवाददाता)l जनपद में काफी समय से कछुओं की तस्करी हो रही है जिसकी अंतरष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपए कीमत है आज जनपद के सितारगंज में कस्टम विभाग ने एक इनोवा कार से चार बोरों में भर कर लाए जा रहे 173 जिंदा कछुओं को बरामद किया है। वाहन में सवार कुख्यात तस्कर कस्टम की टीम पर हथियार तानकर मौके से भाग निकले। अधिकारी डरकर कुछ नहीं कर पाए और तस्कर रफूचक्कर हो गए lकछुओं को वन विभाग के सुपुर्द के लिए कार्रवाई की जा रही है lइनोवा को कस्टम विभाग के खटीमा कार्यालय में पहुंचा दिया गया है।

विवरण के मुताबिक कस्टम अधीक्षक सुधाकर तिवारी की अगुवाई में निरीक्षक संदीप शर्मा, मो. कासिम, अशोक कुमार,सुनील की टीम को खबर मिली एक इनोवा गाड़ी में उत्तर प्रदेश की ओर से कुछ आपत्तिजनक सामान आ रहा है। कस्टम की टीम ने संदिग्ध इनोवा का पीछा शुरू किया और यूपी और उत्तराखंड के सीमांत खुनसरिया के मैनाझुंडी के बीच टीम ने इनोवा को रोक लिया गया लिया।इससे पहले कस्टम तुम समझ पातीl दबोच पाती, कार से चार लोग हाथों में हथियार लहराते हुए भाग निकले। इसबीच वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई लेकिन कस्टम के अधिकारियों ने उसे यह कहते हुए वापस कर दिया कि कार में क्या सामान है उन्हें पता नहीं है। यदि वन विभाग से संबंधित सामान हुआ तो टीम की मदद अवश्य लेंगे। वाहन को कस्टम की टीम ने अपने कब्जे में ले लिया।

वाहन को कस्टम के खटीमा कार्यालय में पहुंचाया गया। और जब उसकी तलाशी ली गई। कार में चार भरे हुए बोरे बरामद हुए। इनमें 173 जिंदा कछुए बरामद हुए। कस्टम अधिकारियों के आंखें खुली की खुली रह गईl
अब वन विभाग को कछुओं को सुपुर्द लेने के लिए पत्र लिखा जा रहा है। कस्टम विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। गौरतलब है कि काफी अरसे से मिलीभगत से कछुओं की तस्करी में बड़े पैमाने पर हो रही है अब करोड़ों रुपए की तस्करी देश विदेशों में होती है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कछुए की बहुत डिमांड हैl और यह दवाई बनाने के काम आती हैl

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad