पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं डीएम यूएस नगर

खबर शेयर करें -

उधम सिंह नगर विशेष संवाददाता उधम सिंह नगर की लोकप्रिय तेजतर्रार जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती रंजना राजगुरू की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में स्रोत सम्वर्द्धन कार्यक्रम (एसआरपी) पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित विभागों को अधिक से अधिक जल संरक्षण एवं सम्वर्द्धन हेतु कार्य करने को कहा। उन्होने कहा कि पानी के बिना जीवन नही है, जल ही जीवन है, जल को संरक्षित करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी होनी चाहिये ताकि गिरते हुये जल स्तर को रोका जा सकें। उन्होने कहा कि जिस प्रकार से निरंतर जल स्तर गिरता जा रहा है वह एक चिन्ता का विषय है। उन्होने कहा कि इसके लिये हम सभी को मिल कर अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करना होगा। उन्होने कहा कि हमंे पानी की एक-एक बंूद को बचाना होगा ताकि आने वाली पीढि को पानी के संकट से बचाया जा सकता है।  
        निदेशक एनआरडीएमएस कुमांऊ विवि अल्मोडा डा0 जेएस रावत ने कहा कि जल संरक्षण व संवर्द्धन के लिये सभी को मिल कर कार्य करना होगा। उन्होने कहा कि जिस तरह से लगातार जल स्तर घट रहा है जिससे आने वाले समय के लिये अच्छे संकेत नही है। उन्होने कहा कि हमें जल स्रोतो को पुनः जीवित करने की जरूरत है जिसके लिये हमें संकल्प के रूप में जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होने कहा कि अधिकारी जल संवर्द्धन के क्षेत्र में जो भी कार्य कर रहे है उन्हे अच्छे तरह से समझे व किये जा रहे कार्य भविष्य के लिये उपयोगी हो इस पर विशेष ध्यान दे। उन्होने कहा कि इसके लिये हमें जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संस्थानों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि हम सभी को मिल कर नदियों, नालो, तालाबों, जल स्रोतो के पानी को पुनर्जीवित करने हेतु आवश्यक कदम उठाने होगें। उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों को कहा कि हमे मिशन के तहत काम करने की जरूरत है। उन्होने कहा कि हमारा उद्देश्य धरती की गोद में पानी को कैसे समाहित कर सकें ताकि कम हो रहे जल स्तर को रोका जा सकें। उन्होने कहा कि बहते हुये नदी, नालों व वर्षा के पानी को हमे रोकने का प्रयास करना होगा। उन्होने कहा कि जिस प्रकार से लगातार जल स्तर घट रहा है वह एक ज्वलन्त विषय है इस पर सबको मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होने सम्बन्धित नोडल अधिकारियों से जल संवर्द्धन हेतु किये जा रहे कार्यो की विकास खण्ड वार जानकारी ली। उन्होने कहा कि प्रयोग में लाये जा रहे पानी को रिचार्ज पिट बनाकर पानी को संरक्षित करें जो े गिरते जल स्तर में मददगार साबित हो सकता है। उन्होने कहा कि औद्योगिक संस्थानो में जो पानी प्रयोग किया जाता है उसे रिचार्ज पिट बनाकर जल संरक्षण करने की आवश्यकता है ताकि गिरते जल स्तर को रोका जा सकें।
       जिला विकास अधिकारी डा0 महेश कुमार ने पावर प्रजन्टेशन के माध्यम से बताया कि जनपद में 32 जल स्रोत चयनित किये गये है जिसका मैप तैयार कर लिया गया है व सम्बन्धित विभाग द्वारा जल संवर्द्धन हेतु कार्य किया जा रहा है।  
      इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, पीडी हिमांशु खुराना, डीडीओ डा0 महेश कुमार, एमएनए श्रीमती रिंकू बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह, डीपीआरओ विद्या सिंह सोमनाल, उप निदेशक रेशम हेम चन्द्र आर्य, डीएसओ तेजवन्त सिंह, खण्ड विकास अधिकारी, नवीन उपाध्याय,एमसी जोशी, एचसी जोशी, राजेश कुमार यादव, चिन्ता राम आर्य, विनीत, रिद्किा आदि उपस्थित थे।  

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad