उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। करीब 25 दिनों से पुलिस से आंख मिचोली कर रहे फरार चल रहे गिरधारी लाल साहू को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के झांसी/ बरेली से गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। ध्यान देने की बात यह है कि
मंत्री रेखा आर्य ने 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से ही पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात जया बलोनी की अध्यक्षता में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई थी।
एसआईटी ने इस मामले में गिरधारी लाल साहू के कई करीबियों से पूछताछ की थी। पुलिस ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। उसकी तलाश में नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए संबंधित एजेंसियों से भी संपर्क किया गया था। पुलिस जांच में उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के बरेली और अन्य जिलों में करीब 50 मुकदमे दर्ज होने की बात भी सामने आई थी..

हालांकि, इन सभी आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होना है। गिरधारी लाल साहू की ओर से भी आरोपों को लेकर अपना पक्ष रखा गया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि ऑडियो रिकॉर्डिंग और दस्तावेजों की प्रमाणिकता का परीक्षण इस स्तर पर नहीं किया जा सकता।
गिरफ्तारी की खबर इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ मानी जा रही है। पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई का विवरण सामने आने पर मामले की आगे की स्थिति और स्पष्ट होगी।
मंत्री ने अपनी शिकायत में मारपीट, उत्पीड़न, धोखाधड़ी, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, जान से मारने की धमकी और हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि पति ने पहली शादी की जानकारी छिपाकर उनसे विवाह किया और कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षरों के जरिये उन्हें कंपनियों के निदेशक पद से हटाया। इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।

