चंपावत: चार विद्यालयों का होगा उच्चीकरण, शिक्षा सुविधाओं को मिलेगा विस्तार! Ashok gulati एडिटर इन चीफ

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राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय धासम बनेगा हाईस्कूल, सल्ली, पल्सो एवं डूंगरालेटी हाईस्कूल होंगे इंटरमीडिएट में उच्चीकृत

उच्चीकृत विद्यालयों में आवश्यक शिक्षकीय एवं प्रशासनिक पदों के सृजन से मजबूत होगी शैक्षिक व्यवस्था

चंपावत:. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश भर में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों को उनके निकटस्थ क्षेत्रों में ही बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के 07 राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों को हाईस्कूल तथा 35 राजकीय हाईस्कूलों को इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से जनपद चम्पावत के भी 04 विद्यालय लाभान्वित होंगे।

जनपद चम्पावत में विधानसभा लोहाघाट के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय धासम को राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (हाईस्कूल) स्तर पर उच्चीकृत किया गया है। वहीं राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सल्ली, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पल्सो एवं राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डूंगरालेटी को इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत करने की स्वीकृति मिली है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 07 जूनियर हाईस्कूलों को हाईस्कूल स्तर पर उच्चीकृत किए जाने के लिए प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान सहित अन्य विषयों के कुल 63 पद सृजित किए गए हैं। इसी प्रकार 35 हाईस्कूलों को इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत किए जाने के लिए प्रधानाचार्य एवं प्रवक्ता संवर्ग के कुल 385 पद सृजित किए गए हैं। इससे उच्चीकृत विद्यालयों में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होने के साथ ही विद्यार्थियों को विषयवार शिक्षकों की सुविधा मिल सकेगी।

विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर मिलेंगे बेहतर शैक्षिक अवसर

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा विद्यालयों के उच्चीकरण से ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा। अब कक्षा आठ के बाद हाईस्कूल तथा हाईस्कूल के बाद इंटरमीडिएट की शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से दूरस्थ विद्यालयों में जाने की आवश्यकता कम होगी। इससे विद्यार्थियों का समय एवं संसाधन बचने के साथ ही अभिभावकों पर आवागमन का अतिरिक्त भार भी कम होगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर शिक्षा की निरंतरता बनी रहने से ड्रॉपआउट की संभावना को कम करने में भी मदद मिलेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विद्यालयों के उच्चीकरण का निर्णय जनपद में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि धासम सहित जनपद के चार विद्यालयों के उच्चीकरण से आसपास के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही आगे की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विद्यालयों में आवश्यक पदों के सृजन से शिक्षकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराना विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उच्चीकृत विद्यालयों में सृजित पदों के सापेक्ष नियुक्तियां निर्धारित सेवा नियमों एवं प्रक्रिया के अनुसार की जाएंगी। उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों में पूर्व से सृजित पदों के संबंध में भी आवश्यक समायोजन की व्यवस्था की गई है। वहीं हाईस्कूल से इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों के समायोजन तथा पूर्व से सृजित वरिष्ठ सहायक एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों के समायोजन का प्रावधान किया गया है।

राज्य सरकार के इस निर्णय से जनपद चम्पावत में माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अपने गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

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