चंपावत: ‘कोलीढेक झील’ बनेगी “वैश्विक पर्यटन” का नया केंद्र,✅ ₹16 करोड़ की लागत से संवरेगा स्वरूप..! ✍️ashok gulati एडिटर इन चीफ

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चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से परिपूर्ण चंपावत जनपद में पर्यटन को नई ऊंचाइयां देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में लोहावती नदी पर स्थित ‘कोलीढेक झील’ एक नए और प्रमुख पर्यटन हब के रूप में उभरकर सामने आई है।

इस क्षेत्र के समेकित विकास और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप लगभग ₹16 करोड़ की एक विस्तृत परियोजना पर कार्य किया जा रहा है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कोलीढेक झील पर पर्यटकों के लिए आधुनिक सुख-सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एक रेस्टोरेंट का निर्माण किया गया है।

इसके साथ ही, झील की सुंदरता को निखारने के लिए एक आकर्षक आर्च ब्रिज (पुल) और कुमाऊंनी शैली में विशेष पटाल व कॉबलस्टोन की सड़कों का निर्माण भी किया जा रहा है। पर्यटकों के मनोरंजन के लिए क्षेत्र में लाइट एंड साउंड शो का विशेष प्रावधान किया गया है।

कोलीढेक झील न केवल अपनी ऊंचाई और देवदार के खूबसूरत जंगलों के लिए जानी जाती है, बल्कि यह लुप्तप्राय प्रजाति की ‘गोल्डन महाशीर’ और भारतवर्ष की अन्य विशिष्ट मछलियों के संरक्षण का भी एक बड़ा केंद्र बन चुकी है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में यहाँ स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर 60 नावों का संचालन किया जा रहा है, जिससे नौकायन के क्षेत्र में पर्यटकों की भारी मांग पूरी हो रही है। इस पर्यटन हब के विकसित होने से आसपास के क्षेत्रों में होटल, होमस्टे और स्थानीय ढाबों के व्यवसाय को व्यापक बढ़ावा मिला है। भविष्य में यहाँ आयुष विभाग द्वारा एक वेलनेस सेंटर का निर्माण भी प्रस्तावित है और शासन की मंशा के अनुसार इस पूरे क्षेत्र को ‘विवेकानंद सर्किट’ से जोड़कर विकसित किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशों में जनपद प्रशासन इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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