ब्रेकिंग हल्द्वानी:मल्लिकार्जुन खरगे रैली से पहले बवाल: SSP कार्यालय में घुसे कांग्रेस नेता, नैनीताल कप्तान के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का जमकर प्रयोग किया कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने?✍️ ashok gulati एडिटर इन चीफ एक्सक्लूसिव लाइव

खबर शेयर करें -

कांग्रेस विधायक सुमित हर देश के वायरल वीडियो ने तहलका मचाया!


हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उत्तराखंड दौरे और हल्द्वानी में प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले प्रदेश की सियासत अचानक गरमा गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में पहुंचने से रोके जाने के आरोपों ने ऐसा तूल पकड़ा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दर्जनों कार्यकर्ता सीधे हल्द्वानी स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंच गए। देखते ही देखते वहां नारेबाजी, तीखी बहस, धक्का-मुक्की और पुलिस-नेताओं के …


बीच तनातनी का माहौल बन गया।कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से हल्द्वानी आ रही पार्टी कार्यकर्ताओं की बसों को पुलिस प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर रोक दिया गया। इसे कांग्रेस ने लोकतांत्रिक अधिकारों में हस्तक्षेप बताते हुए पुलिस-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए।मामला इतना बढ़ा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय परिसर में पहुंच गए। यहां पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। इसी दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें कार्यालय के भीतर तनावपूर्ण स्थिति और कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल सुनाई दे रहा है।कांग्रेस नेताओं के मुताबिक मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ता बसों के जरिए हल्द्वानी पहुंच रहे थे। आरोप है कि इन बसों को रास्ते में पुलिस द्वारा अलग-अलग स्थानों पर रोका गया।

कांग्रेस का कहना है कि कार्यकर्ता किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए नहीं, बल्कि पार्टी के निर्धारित राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए हल्द्वानी आ रहे थे। ऐसे में उन्हें रास्ते में रोकना सरकार और पुलिस प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है।गणेश गोदियाल भी पुलिस कार्रवाई से नाराज
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी कार्यकर्ताओं की बसें रोके जाने को लेकर पुलिस प्रशासन पर नाराजगी जताई।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि प्रशासन को किसी बस या व्यक्ति के संबंध में कोई आपत्ति थी तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती थी, लेकिन कार्यकर्ताओं को सामूहिक रूप से रोकना और उन्हें कार्यक्रम में पहुंचने से बाधित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।…

गोदियाल सहित कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन से इस कार्रवाई का कारण स्पष्ट करने की मांग की।

SSP कार्यालय में धरने पर बैठे कांग्रेस नेता
हंगामे और नोकझोंक के बाद कांग्रेस नेताओं ने एसएसपी कार्यालय परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के चलते पुलिस-प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति को सामान्य बनाए रखने की चुनौती बनी रही।

कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि जब तक कार्यकर्ताओं को रोके जाने और पुलिस कार्रवाई के संबंध में जवाब नहीं मिलता, उनका विरोध जारी रहेगा।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad