चंपावत:टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई सम्पन्न, 215 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त! Ashok Gulati editor in chief

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चंपावत 02 जुलाई ।

✔️चंपावत टीबी मुक्ति की ओर अग्रसर – 215 ग्राम पंचायतें घोषित, स्वास्थ्य शिविरों की श्रृंखला आरंभ”

जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार देर सांय जिला कार्यालय सभागार में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों, वर्तमान उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद की 215 ग्राम पंचायतें वर्तमान में टीबी मुक्त घोषित की जा चुकी हैं, जहाँ एक भी सक्रिय टीबी मरीज नहीं है। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए शेष क्षेत्रों को भी शीघ्र टीबी मुक्त बनाने हेतु ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।..

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मा० मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का स्पष्ट लक्ष्य है कि चंपावत सहित संपूर्ण उत्तराखण्ड राज्य को शीघ्र ही टीबी मुक्त बनाया जाए। इसी उद्देश्य से जनपद में ग्राम स्तर तक ब्लॉकवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए सघन स्क्रीनिंग, टीबी रोगियों की पहचान, दवा वितरण एवं जनजागरूकता संबंधी कार्यों को तेज गति से संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने निर्देशित किया कि वंचित एवं संवेदनशील आबादी (वल्नरेबल पॉपुलेशन) का चिन्हीकरण कर प्राथमिकता के आधार पर स्क्रीनिंग की जाए। सभी चिन्हित मरीजों को समय से गुणवत्तापूर्ण उपचार व निर्धारित अवधि तक दवाएं सुनिश्चित रूप से दी जाएं। साथ ही सभी ब्लॉकों में स्क्रीनिंग संख्या में वृद्धि करते हुए अभियान को और प्रभावी बनाया जाए।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि ‘निक्षय मित्रों’ की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि टीबी मरीजों को दवा के साथ-साथ पोषण व मानसिक सहयोग भी प्राप्त हो सके। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ब्लॉकवार रणनीति बनाकर गांव-गांव और वार्ड-वार्ड स्तर तक टीबी उन्मूलन के लिए ठोस कार्य करें।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 05 जुलाई से 04 सितम्बर 2025 तक जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें टीबी सहित अन्य बीमारियों की भी जांच एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, डॉ. इंद्रजीत पांडे, डॉ. अंजली तथा डॉ. विनय सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रही।

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