उधम सिंह नगर: एसएसपी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली गयी मासिक अपराध गोष्टी; दिए गए आवश्यक दिशानिर्देश!!

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एसएसपी उधमसिंहनगर द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली गयी मासिक अपराध गोष्टी दिए गए आवश्यक दिशानिर्देश।
उधम सिंह नगर विशेष संवाददाता श्री दलीप सिंह कुँवर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधमसिंहनगर महोदय द्वारा आज को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद के सभी थाना क्षेत्राधिकारियों/ थाना प्रभारियों के साथ मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। सराहनीय कार्य हेतु एसएसपी महोदय द्वारा एसओ गदरपुर उ0नि0 सतीश चंद्र कापड़ी को “एम्प्लॉय ऑफ द मंथ” चुना गया जिन्हें नकद रिवॉर्ड व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया व इनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। एसएसपी महोदय द्वारा अपराध रोकथाम हेतु निम्न दिशा निर्देश दिए गए।
1- प्राय: देखा जा रहा है कि कुछ लोग अनावश्यक रूप से धर्म विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर उसे सोशल मीडिया में प्रचारित व शेयर कर रहे है। जिससे सांप्रदायिक सौहार्द खराब होने की आशंका उत्पन्न हो रही है, ऐसे सभी लोगों को आगाह किया जाता है कि सोशल मीडिया आदि के माध्यम से इस प्रकार की अनावश्यक टिप्पणी किसी भी धर्म /सम्प्रदाय विशेष के संबंध में ना करें।
जनपद सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल/एसओजी द्वारा ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है तथा सांप्रदायिक सौहार्द खराब होने की आशंका पर ऐसे लोगों के विरुद्ध कठोर से कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

2- अपराध बढ़ रहे हैं संदिग्ध, नशेड़ी व्यक्तियों की चेकिंग की जाये तथा इनका सत्यापन किया जाय, बार बार कहने द्वारा पूर्व में निर्देश दिए गए थे इसके उपरान्त भी कई थाना प्रभारियों द्वारा इसमें सही तरह से कार्यवाही नहीं की जा रही है। पुन: स्पष्ट किया जाता है कि थाना/चौकी क्षेत्रों के अन्तर्गत घूमने वाले बाहरी तथा स्थानीय संदिग्ध मांगने वाले आदि सभी लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्यवाही करें। यह लोग इलाके में घूमकर रैकी करते हैं तथा रैकी करने के पश्चात चोरी, नकबजनी, लूट, डकैती आदि घटनायें कारित करते हैं।

3- स्थानीय स्तर के संदिग्ध व्यक्तियों जो पूर्व में चोरी, लूट, डकैती, नकबजनी, हत्या आदि प्रमुख अपराधों में प्रकाश में आये हैं प्रत्येक व्यक्ति का प्रोफाइल तैयार करें, जिसमें इनके फोटो सहित पूर्ण विवरण नाम, पता, अपराधों का विवरण अंकित किया जाए।

4- थाना क्षेत्र में जो भी संदिग्ध व्यक्ति घूम रहा है उसकी आधार कार्ड सहित आई०डी० देखी जाय और आई0डी0 है तो उसके सम्बंधित थाने में थाना प्रभारी से दूरभाष पर वार्ता की जाय । जो व्यक्ति बिना आई0डी0 के घूम रहा है उसको सख्त हिदायत देते हुए स्पष्ट किया जाय । क्षेत्राधिकारी स्वयं इसकी समीक्षा करें ।

5 – सभी थाना प्रभारियों को अपने अपने थाना क्षेत्र में नशा करने वाले व्यक्तियों की सूची तैयार करने, इनके नाम, पता, फोटो अंकित करते हुए प्रोफाइल बनाने हेतु पूर्व में निर्देश दिए गए हैं। इस प्रकार के लोगों से सप्ताह में 03 बार वार्ता की जाय और इनकी गतिविधियों पर भी दृष्टि रखी जाय।
6 – नशे का कारोबार करने वालों के बारे में जानकारी करें तथा इस प्रकार के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाय। यदि किसी थाना क्षेत्र में ड्रग्स या कच्ची शराब के कारोबार की शिकायत प्राप्त हुई तथा थाना प्रभारी द्वारा कार्यवाही नहीं की गई और जनपद मुख्यालय से टीम भेजकर पकड़ा गया तो थाना प्रभारी के बिरुद्ध कार्यवाही की जायेगी ।

7- वर्तमान में 7 वर्ष से कम सजा के व्यक्तियों को पैरोल पर छोड़ दिया गया है। थानावार पैरोल पर छोड़े गये व्यक्तियों की सूची पूर्व में थानों में प्रेषित कर दी गई है। थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के एवं सीमावर्ती थानों के पैरोल पर छूट कर आये व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखें । दिन में एक बार इनसे वार्ता कर इनकी लोकेशन की जानकारी करें, सप्ताह में इन्हें थाने में बुलाया जाए।

8- राष्ट्रीय राजमार्ग स्टेट राजमार्ग में हों में बिना हेल्मेट अलने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाय। थाना प्रभारी अपने स्तर पर भी वाहन चेकिंग के प्रति ध्यान दे ।

09 – पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा (1) ट्रैफिक (2)साइबर क्राइम (3) ड्रग्स एवं (4) महिला सम्बंधी अपराध में विशेष ध्यान देने हेतु निर्देशित किया गया है ।

10- बलात्कार पॉक्सो एक्ट के मामलों में 60 दिन में विवेचना पूर्ण होनी है इस प्रकार की
विवेचनाओं को निर्धारित अवधि में निस्तारित कर सीसीटीएनएस में भी इन्द्राज करना है।
11- महिला सुरक्षा के सम्बंध में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। महिला सम्बंधी अपराधों में त्वरित कार्यवाही की जाय ।
12- गुमशुदगी में गुमशुदा की तत्काल बरामदगी कर नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाय।
13- प्रार्थनापत्रों के निस्तारण में ढीलाई वरती जा रही है। प्रतिदिन प्राप्त शिकायतों का उसी
दिन निस्तारण किया जाय । आवश्यकतानुसार निरोधात्मक कार्यवाही अथवा आईपीसी की सुसंगत धाराओं में कार्यवाही की जाय। पुलिस के स्तर पर समझौता कराने का प्रयास न किया जाय।
14- क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की अपने क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने कीजिम्मेदारी है। थाना प्रभारी पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुसार यातायात व्यवस्था में सुधार हेतु
कार्यवाही करें तथा पार्किंग की भी व्यवस्था सुनिश्चित करायें ।

15- बाहरी संदिग्ध, स्थानीय संदिग्ध तथा नशेड़ी आदि के विरुद्ध दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जाय। इस सम्बंध में मेरे द्वारा पूर्व में एक प्रारूप भेजा गया है। थाना प्रभारी उसे स्वयं भरें तथा पुलिस अधीक्षक रूद्रपुर एवं काशीपुर अपने स्तर पर इसकी दैनिक समीक्षा करना सुनिश्चित करें ।

16- चोरी, नकबजनी, वाहन चोरी के अपराधों में वृद्धि हो रही है इन्हें रोकने हेतु प्रयास करें । प्रभावी गश्त / पेट्रोलिंग की व्यवस्था करें ।
17- थाना निधि को किस प्रकार व्यय करना है इस सम्बंध में स्पष्ट निर्देश हैं । थाना प्रभारी इसका अध्ययन कर लें और उसी अनुसार कार्यवाही करें ।

18- साम्प्रदायिक माहौल खराब करने वाली घटनाओं को गम्भीरता से लिया जाय। इस पर नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाय।
19-धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी की है या नहीं इसे चैक कर लिया जाय यह भी देखा जाय कि सीसीटीवी सही कार्य कर रहे हैं। लाइट जाने पर सीसीटीवी के लिए बैटरी की भी व्यवस्था होनी चाहिए। जिन स्थानों पर सीसीटीवी नहीं लगे है वहां पर मंदिर मस्जिद कमेटी. के पदाधिकारियों से वार्ता कर जल्द से जल्द सीसीटीवी लगाने की व्यवस्था की जाय।
20- बलवा के अपराधों की विवेचना 15 दिन में समाप्त होनी चाहिए । इसी प्रकार महिला सम्बंधी अपराधों की विवेचना 02 माह में पूर्ण होनी चाहिए । धारा 323 / 504 / 506 भादवि की 21 विवेचनायें व लूट डकैती, नकबजनी, वाहन लूट, सम्पत्ति सम्बंधी अपराधों की विवेचनाये गुण-दोष के आधार पर जल्द से जल्द पूरी की जाए । हत्या एवं धोखाधड़ी से सम्बंधित अपराधों की विवेचना 6 माह में पूर्ण होनी चाहिए । इससे अधिक समय लगने पर अधोहस्ताक्षरी से अनुमति ली जाय।
21- थाने में कोई भी शिकायत प्राप्त होती है तो पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्यवाही करे ।

22- चालान आदि की कार्यवाही के दौरान वीडियोग्राफी अवश्य की जाय । पुलिस कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार न किया जाय।

23- आगामी चुनाव के दृष्टिगत छोटे छोटे मामलों को भी गम्भीरता से लेने की आवश्यकता है। छोटे छोटे मामलों में भी राजनैतिक रूप दिया जा सकता है अतः इस ओर विशेष ध्यान देने कीआवश्यकता है । कोई भी घटना घटित होने पर तत्काल मौके पर जायें और नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही करें ।

24- थाना प्रभारी अपने अधीन आरक्षियों के कार्यों की मानीटरिंग नहीं कर रहे हैं और उन्हें अधीनस्थ कर्मचारियों के बारे में जानकारी नहीं है, यह स्थिति आपत्तिजनक है। थानों में अच्छे कार्यों का इन्द्राज करने के सम्बंध में एक रजिस्टर बनाये के निर्देश दिए गए हैं । इसका अनुपालन किया जाय और अच्छे कार्यों का इन्द्राज इस रजिस्टर में किया जाय। थाना प्रभारी प्रत्येक दिन इस रजिस्टर का अवलोकन करें। क्षेत्राधिकारी भी इसका अवलोकन करें ।
मासिक अपराध गोष्ठी में एसपी सिटी श्रीमती ममता वोहरा, एसपी क्राइम श्री मिथिलेश सिंह, एसपी काशीपुर श्री प्रमोद कुमार व जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारी उपस्थित थे

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