
रानीखेत। त्योहारों के सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासनिक टीमों की कार्रवाई को लेकर व्यापार मंडल ने कड़ा रुख अपनाया है। व्यापार मंडल संयोजक संदीप पाठक ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई या चेकिंग के नाम पर स्थानीय मिठाई व्यापारियों और छोटे दुकानदारों का शोषण किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संदीप पाठक ने अपने बयान में कहा कि त्योहारों के समय जब व्यापारी पूरे साल की मंदी के बाद कुछ व्यापार की उम्मीद करते हैं, तब चेकिंग और छापों के नाम पर भय का माहौल पैदा कर दिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार मंडल शुद्धता और गुणवत्ता के दावों का समर्थन करता है, लेकिन इसके नाम पर होने वाली अधिकारियों की मनमानी और स्थानीय खुदरा व्यापारियों के उत्पीड़न का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
नियमों की आड़ में छोटे व्यापारियों को निशाना बनाने का आरोप
व्यापार मंडल संयोजक ने आरोप लगाया कि त्योहारों के पीक सीजन में जब दुकानों पर भारी भीड़ होती है, तब बारीक कागजी औपचारिकताओं, रोजाना स्टॉक रजिस्टर मेंटेन करने जैसी अव्यावहारिक शर्तों को लेकर छोटे दुकानदारों को परेशान किया जाता है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन को केवल बड़ी कार्रवाई का दिखावा करने के बजाय व्यापारियों को सहयोग और जागरूक करने का दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
संदीप पाठक ने चेतावनी देते हुए कहा, “रानीखेत का व्यापारी वर्ग एकजुट है। अगर जांच के नाम पर किसी भी छोटे या मध्यम व्यापारी का मानसिक या आर्थिक उत्पीड़न किया गया, तो व्यापार मंडल इसके खिलाफ सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

