चंपावत:​उत्तराखंड भाषा संस्थान की पहल: ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान योजना-2026’ के तहत साहित्यकारों को मिलेंगे प्रतिष्ठित पुरस्कार! Ashok gulati एडिटर इन चीफ

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चंपावत : राज्य की राजभाषा हिंदी और उत्तराखंड की समस्त क्षेत्रीय बोलियों व भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और उनके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा प्रदेश के हिंदी, उर्दू, पंजाबी, नेपाली, कुमाऊँनी, गढ़वाली और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं जैसे- जौनसारी, रम्, थारू, बोक्सा, राजी, खल्टी, जोहारी, जाड़, गुर्जरी, कौरवी, बंगाणी, शौका, भोटिया आदि की साहित्य सृजन में अनवरत लगे हुए मूर्धन्य विद्वान साहित्यकारों, लेखकों, कवियों और नवोदित साहित्यकारों के प्रोत्साहन तथा उनकी रचनाओं के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान योजना-2026’ के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाने प्रस्तावित हैं।

इसके तहत ‘उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान’ (5,51,000 रुपये), ‘उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार’ (1,51,000 रुपये), ‘उत्तराखंड साहित्य नारी वंदन सम्मान’ (1,51,000 रुपये), ‘बाल साहित्य लेखन पुरस्कार’ (1,51,000 रुपये), ‘उत्तराखंड मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार’ (1,00,000 रुपये), ‘अनूदित कृति पुरस्कार’ (1,00,000 रुपये), ‘साहित्यिक पत्र-पत्रिका लेखन पुरस्कार’ (1,00,000 रुपये) और ‘उत्तराखंड नवोदित साहित्य उद्यमान पुरस्कार’ (50,000 रुपये) प्रदान किए जाने हैं।

​ जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा जनपद स्तर पर आवश्यक कार्रवाई और निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि जिले में ऐसे साहित्यकार या विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी जो साहित्य लेखन में संलिप्त हैं, उन्हें उक्त पुरस्कारों में अपने नामांकन भेजने के लिए पूरी तरह प्रोत्साहित किया जाए।

इसके साथ ही जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने जिले के समस्त साहित्यकारों, रचनाकारों, कवियों एवं साहित्य अनुरागी अधिकारियों- कर्मचारियों से अपील की है कि वे उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक विरासत को और अधिक सशक्त बनाने के लिए बढ़-चढ़कर इस योजना में भाग लें तथा अपने नामांकन समय पर प्रेषित करना सुनिश्चित करें, ताकि जनपद की साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रादेशिक स्तर पर पहचान और सम्मान मिल सके।

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