बागेश्वर:सुरक्षित बचपन’ व ‘डिजिटल साक्षरता’ महा-अभियान: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व कोतवाली पुलिस ने कंट्री वाइड व महर्षि विद्या मंदिर में लगाई सुरक्षा की पाठशाला; थाना कांडा पुलिस ने सुदूर ग्राम जाखनी में चलाया जागरूकता अभियान! Ashok gulati एडिटर इन चीफ

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बागेश्वर : पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मेहरा (IPS) के कुशल सांझा आदेश-निर्देशों के अनुपालन में जनपद पुलिस द्वारा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों व शिक्षण संस्थानों में बच्चों को सुरक्षित माहौल देने, महिला सशक्तिकरण को सुदृढ़ करने, डिजिटल साक्षरता बढ़ाने तथा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार व्यापक स्तर पर “कम्युनिटी पुलिसिंग” अभियान चलाया जा रहा है। कोतवाली बागेश्वर तथा थाना कांडा पुलिस द्वारा जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कोतवाली बागेश्वर पुलिस एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की संयुक्त टीम द्वारा नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों— कंट्री वाइड इंटर कॉलेज एवं महर्षि विद्या मंदिर, बागेश्वर के छात्र-छात्राओं के बीच एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। टीम द्वारा विद्यार्थियों को वर्तमान में बढ़ रहे ऑनलाइन वित्तीय फ्रॉड, “डिजिटल अरेस्ट” और साइबर क्राइम के नित नए तौर-तरीकों से अवगत कराते हुए उनसे बचने के प्रभावी तकनीकी उपाय बताए गए। युवाओं को सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने हेतु विधिक सीख दी गई।
कार्यशाला के दौरान “सुरक्षित बचपन अभियान” के अंतर्गत छात्राओं को महिला अपराध, घरेलू हिंसा, बाल यौन शोषण, पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और नशे के गंभीर शारीरिक व सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति विस्तारपूर्वक जागरूक किया गया। पुलिस व विधिक टीम ने नए कानूनों (भारतीय न्याय संहिता आदि), साइबर क्राइम, व्हाट्सएप/मोबाइल फ्रॉड कॉल्स तथा सोशल मीडिया के दुरुपयोग (जैसे संदिग्ध लिंक्स व फर्जी APK फाइल्स) से बचने के तौर-तरीके साझा किए। इस दौरान सुरक्षा व विधिक अधिकारों से संबंधित जागरूकता पम्पलेट भी आम जनता व बच्चों में वितरित किए गए।
उच्चाधिकारियों द्वारा जारी मासिक कैलेंडर के अनुक्रम में थाना कांडा पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र के अत्यधिक दूरस्थ/दुर्गम गांव जाखनी में पहुँचकर एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं के साथ सीधा आत्मीय संवाद स्थापित कर विभिन्न अपराधों की रोकथाम, डिजिटल फ्रॉड से सतर्कता तथा नशामुक्ति के संबंध में विधिक चौपाल लगाकर ग्रामीणों को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया। उपस्थित आमजनमानस एवं महिलाओं को गौरा शक्ति ऐप (महिला सुरक्षा), पब्लिक आई ऐप तथा उत्तराखण्ड पुलिस आधिकारिक ऐप की कार्यप्रणाली के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

*समस्त जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान *पुलिस टीमों द्वारा आपातकालीन विधिक सहायता प्राप्त करने और गुप्त सूचनाएं देने हेतु राज्य व राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया:*
• साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930 (ऑनलाइन वित्तीय ठगी की त्वरित शिकायत दर्ज कराने हेतु)
• राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा: डायल 112 (त्वरित पुलिस व आपदा सहायता हेतु)
• महिला हेल्पलाइन नंबर: 1090 (महिला सुरक्षा व उत्पीड़न की रोकथाम हेतु)

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