
चम्पावत,
.चम्पावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपद चम्पावत को धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत चम्पावत मुख्यालय स्थित श्री गोल्ज्यू देवता मंदिर के समीप 56 करोड़ 29 लाख 24 हजार रूपये की लागत से भव्य श्री गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर के निर्माण को शासन द्वारा प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
पर्यटन विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार श्री गोल्ज्यू देवता मंदिर के समीप लोक निर्माण विभाग एवं पशुपालन विभाग की भूमि पर पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कुल 5629.24 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रथम किश्त के रूप में 1125.848 लाख रूपये (लगभग 11.26 करोड़ रूपये) की धनराशि स्वीकृत की गई है। परियोजना की कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग होगी।
श्री गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर के निर्माण से चम्पावत की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी। गोल्ज्यू देवता उत्तराखण्ड की लोक आस्था एवं न्याय के देवता के रूप में पूजनीय हैं। कॉरिडोर के विकसित होने से मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय व्यापार, रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने की भी संभावनाएं बढ़ेंगी।
. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप चम्पावत को आदर्श जनपद बनाने के साथ ही यहां की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। श्री गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना से जनपद में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने के साथ ही चम्पावत की पहचान एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में और अधिक सुदृढ़ होगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि श्री गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर का निर्माण जनपद के पर्यटन विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ स्थानीय जनता एवं श्रद्धालुओं को मिल सके।
शासन द्वारा जारी आदेश में निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने, तकनीकी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही परियोजना की मासिक प्रगति आख्या शासन को उपलब्ध कराने एवं स्वीकृत धनराशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।

