बागेश्वर:प्रवक्ताओं की कमी वाले विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करें: जिलाधिकारी ashok gulati एडिटर इन चीफ

खबर शेयर करें -

जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में सोमवार को जनपद में विद्यालयों में शिक्षकों एवं विषयवार उपलब्धता की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों तथा प्रवक्ताओं की कमी की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी गरुड़ एवं कपकोट द्वारा विद्यालयवार एवं विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता का विस्तृत विश्लेषण जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस दौरान विद्यालयों में उपलब्ध विषयों, संबंधित विषयों के शिक्षकों तथा रिक्त पदों की स्थिति की जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विद्यालयों में विज्ञान सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता उपलब्ध नहीं हैं, वहां नियमित व्यवस्था होने तक विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निकटवर्ती विद्यालयों के शिक्षकों के माध्यम से वर्चुअल कक्षाओं की संभावनाओं पर कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर तैयार कर, आवश्यकता के अनुसार स्वयंसेवी शिक्षकों की सहायता लेने तथा आसपास के विद्यालयों से शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था करने।

उन्होंने कहा कि प्रवक्ताओं की नियुक्ति अथवा उपलब्धता होने तक विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए विद्यालयवार ठोस एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए तथा वर्चुअल कक्षाओं और अन्य वैकल्पिक माध्यमों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के ऐसे विद्यालय, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है अथवा वर्चुअल कक्षाओं के संचालन में नेटवर्क संबंधी समस्या आ रही है, उनकी ब्लॉक एवं विद्यालयवार सूची तैयार कर वाई-फाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालयवार उपलब्धता एवं आवश्यकता का विश्लेषण कर प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था लागू करने तथा इसकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad