रुद्रपुर: श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के बंदी छोड़ दिवस को समर्पित आत्म-रस कीर्तन समागम एवं अमृत संचार का आयोजन गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, गोल मार्केट में खालसा ग्रुप की ओर से श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया! ashok gulati एडिटर इन चीफ

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रुद्रपुर। श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के बंदी छोड़ दिवस को समर्पित आत्म-रस कीर्तन समागम एवं अमृत संचार का आयोजन गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, गोल मार्केट में खालसा ग्रुप की ओर से श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। कार्यक्रम सायं 5 बजे से रात्रि 11 बजे तक चला। इस दौरान गुरबाणी कीर्तन, धार्मिक विचारों एवं अमृत संचार के माध्यम से संगत को गुरु साहिब के त्याग, सेवा, मानवता और धर्म की रक्षा के संदेश से अवगत कराया गया। समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर गुरु घर में माथा टेका और गुरबाणी कीर्तन का श्रवण किया। कार्यक्रम के दौरान संगत ने गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि बंदी छोड़ दिवस केवल ऐतिहासिक स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि मानवता, समानता, न्याय और दूसरों की स्वतंत्रता के लिए खड़े होने की प्रेरणा देने वाला पर्व है। इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी गुरुद्वारा साहिब पहुंचे और गुरु घर में माथा टेका। गुरुद्वारे में पहुंचने पर खालसा ग्रुप के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उनका स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने संगत को बंदी छोड़ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु साहिब का जीवन त्याग, बलिदान, सेवा और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है। गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के साथ-साथ अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश दिया, जो आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है। इस अवसर पर कार्यक्रम में हरि सिंह ग्रोवर, कमलजीत सिंह गांधी, हरविंदर सिंह, दमन ग्रोवर, मंदीप सिंह नैनी, मनजीत सिंह मक्कड़, डॉ. सरबजीत सिंह, सरनजीत सिंह, गुरमीत सिंह गाबा,समाजसेवी संजय ठुकराल, अजय नारायण सिंह, गगन ग्रोवर, रामकुमार गुप्ता, आनंद शर्मा, ललित सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। समागम के समापन पर संगत के लिए प्रसाद एवं लंगर की व्यवस्था भी की गई।

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