पुलिस ने छात्र-छात्राओं को नशे व साइबर अपराधों के प्रति किया जागरूक, छात्राओं के मोबाइलों में डाउनलोड कराया ‘गौरा शक्ति ऐप’ ….




पुलिस अधीक्षक बागेश्वर जितेन्द्र मेहरा (IPS) के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा युवाओं को नशे के जाल से सुरक्षित रखने, डिजिटल ठगी से बचाने और महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शिक्षण संस्थानों में अभियान “पुलिस की पाठशाला” लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज जनपद के तीन प्रमुख शिक्षण संस्थानों— कंट्री व्हाइट स्कूल गरुड़, राजकीय इंटर कॉलेज काफलीगैर और डिग्री कॉलेज कपकोट में जन-जागरूकता एवं सुरक्षा कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
विभिन्न थानों व पुलिस टीमों द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में युवाओं को नशे के घातक सामाजिक, शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों के प्रति विस्तार से सचेत किया। छात्रों से आह्वान किया गया कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभन या सहपाठियों के दबाव में आकर नशे की ओर कदम न बढ़ाएं। इसके साथ ही, क्षेत्र में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, तस्करी या सेवन से जुड़ी किसी भी गुप्त सूचना को पुलिस तक पहुँचाने हेतु नेशनल नारकोटिक हेल्पलाइन नंबर 1933 मानस पोर्टल की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया और भरोसा दिया गया कि सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
वर्तमान में बढ़ते ऑनलाइन वित्तीय अपराधों, सोशल मीडिया हैकिंग और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए साइबर खतरों को देखते हुए बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के गुर सिखाए गए।
• किसी भी अज्ञात फोन कॉल पर अपने बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन या मोबाइल पर आया ओटीपी (OTP) साझा न करें।
• सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और न ही किसी संदिग्ध या प्रलोभन वाले लिंक पर क्लिक करें।
• यदि कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते धनराशि ब्लॉक की जा सके।
महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यशाला में उपस्थित छात्राओं और महिला प्रोफेसरों/शिक्षिकाओं को उत्तराखण्ड पुलिस की महिला सुरक्षा पहल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस महिला सेल व एएनटीएफ टीमों द्वारा मौके पर ही छात्राओं के स्मार्टफोन्स में उत्तराखण्ड पुलिस ऐप के अंतर्गत उपलब्ध ‘गौरा शक्ति ऐप’ डाउनलोड कराया गया तथा विपरीत परिस्थितियों में ऐप के माध्यम से त्वरित पुलिस सहायता प्राप्त करने और शिकायत दर्ज करने की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 व राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर डायल 112 की उपयोगिता भी समझाई गई।
कार्यक्रम के अंत में तीनों शिक्षण संस्थानों के स्टाफ और छात्र-छात्राओं ने बागेश्वर पुलिस की इस अनूठी पहल की सराहना की और पुलिस टीम से संवाद कर अपनी विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।