टनकपुर :[चंपावत],आदर्श संकल्प को लग रहे पंख: मुख्यमंत्री की नीति से ग्रामोत्थान योजना बनी महिला स्वावलंबन का आधार ! ashok gulati एडिटर इन चीफ

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✅ मुख्यमंत्री की संकल्पना से साकार हुआ ‘सशक्त महिला’ का सपना: आटा चक्की के आधुनिक रूप से आत्मनिर्भर बनीं पूजा देवी

चंपावत के टनकपुर के ग्राम नयागोठ की निवासी पूजा देवी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और उद्यमशीलता का एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरी हैं।

वह लंबे समय से अपने गांव में एक छोटी आटा चक्की का संचालन कर स्थानीय निवासियों को सेवाएं प्रदान कर रही थीं। दैनिक जरूरतों की पूर्ति के लिए यह व्यवसाय उनकी आजीविका का मुख्य आधार था, लेकिन पुरानी तकनीक और सीमित क्षमता वाली मशीनरी के कारण उन्हें कार्य कुशलता और ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। उद्यम के विस्तार और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए आवश्यक पूंजी का अभाव उनके सामने एक मुख्य चुनौती बना हुआ था।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच और ‘सशक्त महिला, समृद्ध राज्य’ के संकल्प से आज प्रदेश की मातृशक्ति को आर्थिक स्वावलंबन के नए अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री के इसी विजन को धरातल पर उतारते हुए पूजा देवी के प्रयास और उनकी लगन को देखते हुए ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ के अंतर्गत उन्हें ₹30,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इस वित्तीय प्रोत्साहन का सदुपयोग करते हुए उन्होंने अपनी आटा चक्की की मशीनरी में आवश्यक संशोधन किए और कार्यस्थल का सुदृढ़ीकरण किया।

इस उन्नयन के फलस्वरूप मशीन की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई, जिससे अब कम समय में अधिक मात्रा में अनाज की पिसाई संभव हो पा रही है।

इस पहल से न केवल पूजा देवी को नियमित और अधिक आय का स्थायी स्रोत प्राप्त हुआ है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को भी अपने ही गांव में सुलभ, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवा मिलने लगी है, जिससे उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों में भटकने से मुक्ति मिली है।….

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की जनकल्याणकारी नीतियों और ग्रामोत्थान परियोजना से मिले इस संबल ने पूजा देवी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि की है।

पूजा देवी कहती हैं कि इस वित्तीय सहायता ने उनके काम को आसान बनाया है और उनमें अपने व्यवसाय को नए आयामों तक ले जाने का भरोसा जगाया है। उनकी यह सफलता की कहानी यह सिद्ध करती है कि मा मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और सुदृढ़ नीतियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में तेजी से अग्रसर हो रही हैं।

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