बिग ब्रेकिंग नई दिल्ली: हल्द्वानी मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लूकार्जून खरगे की रैली के बाद हुए कथित ‘मंच शुद्धिकरण’ का मामला राज्यसभा में गरमाया, खरगे ने इसे अपना और दलितों का अपमान बताया! ✍️ ashok gulati एडिटर इन चीफ

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‘सदन के नेता जेपी नड्डा ने ऐसी गतिविधियों की निंदा करते हुए जांच का आश्वासन दिया’…

विगत दिनों हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में 8 अगस्त 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लूकार्जून खरगे की रैली के बाद हुए कथित ‘मंच शुद्धिकरण’ का मामला आज राज्यसभा में गरमाया। खरगे ने इसे अपना और दलितों का अपमान बताया, जिस पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने ऐसी गतिविधियों की निंदा करते हुए जांच का आश्वासन दिया,क्या है श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास? जिसने मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान में छिड़का गंगाजल:>हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए शुद्धीकरण हवन को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है. कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया और बीजेपी पर आरोप लगाया. हालांकि बीजेपी की तरफ से जेपी नड्डा ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि बीजेपी कभी भी इस तरह के कृत्य का समर्थन नहीं करती है., ध्यान देने की बात यह है कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली की चर्चा अब लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक पहुंच गई है. क्योंकि इस रैली के ठीक बाद एक धार्मिक संगठन ने रामलीला मैदान का शुद्धिकरण किया. इस दौरान संगठन के लोगों ने हवन किया और रामलीला मैदान में गंगाजल भी छिड़का, जिसको लेकर अब विवाद शुरू हो गया है. इस विवाद की गूंज देश के दोनों सदनों में सुनाई दी. यहां तक की राज्यसभा के सभापति ने भी दखल देते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है और एक्शन लेने की बात कही है. अब सवाल यह है कि ये लोग कौन हैं? क्या इनकी गिरफ्तारी होगी?खरगे की रैली के बाद हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’; कांग्रेस-बीजेपी के बीच सियासी घमासान, नड्‌डा ने बताया- दुखदायी हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर विवाद गहरा गया है. कांग्रेस ने इसे दलित विरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए विरोध प्रदर्शन किया है. वहीं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने घटना को दुखद बताते हुए जांच कराने की बात कही है.,उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद शुरू हुआ विवाद अब सियासी रंग ले चुका है. रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘विजय शंखनाद रैली’ समाप्त होने के दो दिन बाद उसी स्थान पर हुए हवन-पूजन और कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गए हैं. कांग्रेस का आरोप है कि यह कदम खरगे के दलित होने से जुड़ा हुआ है और इससे जातिगत भेदभाव की मानसिकता झलकती है. वहीं आयोजन करने वाले धार्मिक संगठन का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कथित नारों और टिप्पणियों के विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था. विवाद बढ़ने के बाद दोनों दलों के नेताओं के बयान सामने आए हैं.

रैली के बाद हुआ शुद्धिकरण कार्यक्रम
विवाद की शुरुआत 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ‘विजय शंखनाद रैली’ के बाद हुई. इसके दो दिन बाद, 10 अगस्त को ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ की ओर से उसी मैदान में हवन-पूजन और शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई.,धार्मिक संगठन ने बताई वजह
समिति के सदस्य गिरीश चंद्र पांडे ने दावा किया कि कांग्रेस की रैली के दौरान कथित तौर पर इस्लामिक नारे लगाए गए थे और कुछ ऐसी टिप्पणियां की गई थीं जिन्हें हिंदू संगठनों के प्रति आपत्तिजनक माना गया. उनका कहना है कि इसी वजह से धार्मिक भावना के तहत शुद्धिकरण और हवन-पूजन का आयोजन किया गया. हालांकि इन आरोपों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के अपने-अपने दावे हैं और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.,कांग्रेस ने बुद्ध पार्क में किया प्रदर्शन
शुद्धिकरण कार्यक्रम की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह घटना केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक संदेश देने की कोशिश है, जो दलित समुदाय की भावनाओं को आहत करती है. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग की.

जेपी नड्डा ने कहा, जांच कराएंगे; राज्यसभा चेयरमैन ने भी जताया दुख
विवाद संसद तक भी पहुंचा, जहां केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी. जेपी नड्डा ने कहा, “जो कुछ भी हुआ वह दुखद है. ऐसी घटना आपके लिए ही नहीं बल्कि समूचे राष्ट्र के लिए दुखद है. हम इसकी जांच करेंगे.” उन्होंने आगे कहा, “यह हम सभी के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए दुखदायी है. भाजपा ऐसी चीजों को स्वीकार नहीं करती.”नड्डा ने यह भी कहा कि बीजेपी इस घटना से दुखी है और खरगे की भावनाओं का सम्मान करती है. वहीं इस घटना को लेकर राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने भी दुख जताया. उन्होंने कहा कि हम सभी लोग इस पर दुख जताते हैं. मैं सरकार से भी कहूंगा कि इस घटना को अंजाम देने वालों को पकड़ें और उन्हें सजा दिलाएं.|

गणेश गोदियाल ने लगाया दलित विरोधी सोच का आरोप
उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “21वीं सदी में भी बीजेपी जाति और ऊंच-नीच की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई है और यह घटना बीजेपी की दलित विरोधी सोच को दर्शाती है.” उन्होंने आगे कहा, “हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे ने जिस मंच से जनता को संबोधित किया, उसी मंच का BJP से जुड़े लोगों द्वारा ‘शुद्धिकरण’ किया जाना बेहद आहत करने वाला और निंदनीय है.” गोदियाल ने आरोप लगाया कि यह घटना समाज में विभाजन और द्वेष को बढ़ावा देने वाली है. उन्होंने नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कानून का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की मांग भी की.|

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