चंपावत:ग्रामीण विकास योजनाओं की सघन समीक्षा कर जिलाधिकारी ने दिए आवश्यक दिशा निर्देश,ग्राम्य विकास योजनाओं की समीक्षा, गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर जिलाधिकारी का विशेष जोर…! Ashok gulati एडिटर इन चीफ

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चंपावत +जनपद में ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में ग्राम्य विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), एनआरएलएम, रीप परियोजना, तथा अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया गया।

बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँचे। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, जवाबदेही और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का वास्तविक लाभ लोगों को मिल सके।
जिलाधिकारी ने ज्ञानसेतु कार्यक्रम, विद्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग हेतु निर्मित टैंकों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा पशुबाड़ों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित स्थलीय एवं भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाने तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया, जिससे लोगों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।

उन्होंने ‘मेरी गाँव–मेरी सड़क’ योजना के अंतर्गत दूरस्थ गांवों की सड़क संपर्क सुविधा को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत स्थापित ग्रोथ सेंटरों को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ने जल संरक्षण के उद्देश्य से संचालित चाल-खाल एवं खंती निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी नियमित रूप से सारा के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि इन प्रयासों का व्यापक स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।जिलाधिकारी ने कहा प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा के अंतर्गत विकास कार्य संचालित हों तथा सभी जॉब कार्ड धारकों को नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कृषि एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए।

बैठक में अल्ट्रा पुअर योजना, सीएलएफ तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि विकास अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं तथा प्रत्येक ग्राम सभा में नियमित बैठकें सुनिश्चित कर विकास योजनाओं की प्रभावी निगरानी की जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, परियोजना निदेशक अजय सिंह, सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी, सभी खंड विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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