बागेश्वर +जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय राजमार्ग 309A के किलोमीटर 80 से 169 तक दो लेन चौड़ीकरण कार्यों की प्रगति के संबंध में समीक्षा बैठक ली।बैठक के दौरान नाप भूमि के प्रतिकर, वन भूमि हस्तांतरण तथा गतिमान कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।…
‘तहसील कपकोट के अंतर्गत लाथी-चुचेर मोटर मार्ग पर 20 अप्रैल को हुई बोलेरो वाहन (संख्या UK-02 TA 1668) दुर्घटना के कारणों की मजिस्ट्रीयल जाँच के आदेश दिए गए हैं, जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दुर्घटना की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच हेतु परगना मजिस्ट्रेट कपकोट को जांच अधिकारी नामित किया गया है’



जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत एवं मानक गुणवत्ता के अनुरूप कार्य पूर्ण करने और तहसीलदार कांडा को बागेश्वर से कांडा तक सरकारी भूमि में रह रहे व्यक्तियों का प्राथमिकता के आधार पर एक हफ्ते में सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर समस्त पात्र प्रभावितों को शासनादेश के अनुसार प्रतिकर (मुआवजा) का भुगतान करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन प्रभावितों को प्रतिकर का भुगतान किया जा चुका है, उनके संबंध में गठित समिति के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को जल संस्थान, जल निगम, यूपीसीएल तथा बीएसएनएल के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य संचालित करने के निर्देश दिए, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा अथवा क्षति न हो।बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि बागेश्वर से कनालीगाड़छीना तक 32 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण कार्य में से 17 किलोमीटर में कटिंग कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त बागेश्वर से कांडा तक 16 किलोमीटर क्षेत्र में वृक्षों की कटिंग का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है।बैठक में अपर जिलाधिकारी एन एस नबियाल, उप जिलाधिकारी प्रियंका रानी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इधर दूसरी और
तहसील कपकोट के अंतर्गत लाथी-चुचेर मोटर मार्ग पर 20 अप्रैल को हुई बोलेरो वाहन (संख्या UK-02 TA 1668) दुर्घटना के कारणों की मजिस्ट्रीयल जाँच के आदेश दिए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दुर्घटना की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच हेतु परगना मजिस्ट्रेट कपकोट को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
परगना मजिस्ट्रेट अनिल कुमार चन्याल ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति दुर्घटना के संबंध में लिखित अथवा मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह 15 दिनों के भीतर उपजिलाधिकारी कार्यालय, कपकोट में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है।