टनकपुर:उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक मां पूर्णागिरि मेले 2026 का मुख्यमंत्री ने किया विधिवत शुभारंभ,मेले को पूरे वर्ष भर चलाने का प्रयास है जारी: मुख्यमंत्री श्री धामी✅ अन्य प्रदेशों सेआए श्रद्धालुओं ने मेले के संदर्भ में क्या कहा सुनिए ग्राउंड जीरो से राजीव गुप्ता ब्यूरो चीफ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट :- लाइव

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चंपावत संस्कृति, आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम है इसको बुनियादी सुविधाओं से सशक्त करना है हमारा लक्ष्य

केंद्र तथा राज्य सरकार की नीतियों से आगे बढ़ रहा उत्तराखंड: सांसद अजय टम्टा

टनकपुर (चंपावत) l मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ का आशीर्वाद उत्तराखंड वासियों एवं समस्त श्रद्धालुओं पर सदैव बना रहे। उन्होंने उत्तराखंड की पवित्र भूमि को देवताओं का धाम बताते हुए कहा कि प्रदेश के कण-कण में दिव्यता समाई हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले का आयोजन ऐसे समय में होता है जब मौसम सुहावना हो जाता है और प्रकृति स्वयं तीर्थयात्रियों का स्वागत करती है।

उन्होंने इस मेले को सालभर संचालित करने का संकल्प लेते हुए कहा कि पूर्णागिरि धाम को स्थायी संरचनाओं से सुसज्जित करने का लक्ष्य तय किया गया है। आगामी वर्षों में यह स्थान और भी भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप लेगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से चम्पावत के अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति श्रद्धा सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि इसे एक आध्यात्मिक अनुभव बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा उत्तराखंड सरकार माँ पूर्णागिरि धाम के विकास के लिए सतत प्रयासरत है और आने वाले समय में इसे एक विशाल आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रशासन आने वाले श्रद्धालुओं हेतु आवागमन को सुगम बनाने के प्रयास करे तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराए।

इसके अलावा अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री जी जनपद में संचालित विभिन्न विकासपरक योजनाओं की ओर प्रकाश डाला। टनकपुर बस स्टेशन को 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से ISBT (इंटर स्टेट बस टर्मिनल) के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे परिवहन सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा।

मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊँ के प्रमुख मंदिरों का सौंदर्यीकरण और उनके रास्तों का चौड़ीकरण कराया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा में अधिक सुविधा मिलेगी।

पूर्णागिरि क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विशेष कार्य किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सके। इसके साथ ही, माँ पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण कार्य भी जारी है, जिससे यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा पूर्णागिरि धाम के आसपास स्थित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल माँ पूर्णागिरि धाम की यात्रा को और सुविधाजनक बनाना है, बल्कि पूरे चम्पावत जिले में पर्यटन को नया आयाम देना भी है।

इस सर्किट के निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सालभर आकर्षित किया जाएगा, जिससे चम्पावत को धार्मिक और साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना माँ पूर्णागिरि मेले को 12 महीने संचालित करने के लक्ष्य के अनुरूप है और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

सर्किट के अंतर्गत पूर्णागिरि धाम के साथ-साथ अन्य प्रमुख मंदिरोंऐतिहासिक स्थलों, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और साहसिक गतिविधियों के केंद्रों को भी जोड़ा जाएगा। इस पहल से श्रद्धालु केवल माँ पूर्णागिरि धाम तक सीमित न रहकर पूरे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर सकेंगे।

सरकार इस परियोजना को सफल बनाने के लिए बेहतर सड़क संपर्क, संचार व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। साथ ही, पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण, मल्टी-लेवल पार्किंग, और परिवहन सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु और पर्यटक सुगमता से यात्रा कर सकें।

उन्होंने कहा कि संपूर्ण चंपावत को प्रत्येक क्षेत्र में विकसित व अग्रणी बनाने का कार्य किया जा रहा है। कनेक्टिविटी तथा शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कार्य किया जा रहे हैं।
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा का एक कैंपस चंपावत में आईटी लैब तथा महिला छात्रावास का निर्माण किया गया है।

इसके साथ ही जिला मुख्यालय में 55 करोड़ की धनराशि से साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। जिससे आने वाले समय में सभी विद्यार्थियों वह नोनीहालों को ज्ञान, विज्ञान व तकनीकी की और नवाचार हेतु प्रेरित करने हेतु साइंस सिटी बड़ा माध्यम बनेगी। साथ ही विद्यार्थियों के जीवन को नई दिशा मिलेगी।

लोहाघाट में 237 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कार्य प्रगति पर होने के साथ ही 16 करोड़ की लागत से पॉलिटेक्निक कॉलेज का नया भवन बनकर तैयार हो गया है। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओ का विस्तार करने हेतु जिला चिकित्सालय में 20 करोड़ की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक तैयार किया गया है
28 करोड़ की धनराशि की लागत से इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान के भवन निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ ही अपनी नीतियों और निर्णय के माध्यम से पर्यटन को प्रोत्साहित करने व रोजगार के अवसरों को बढ़ाने हेतु ठोस कार्य किया जा रहे हैं।

टनकपुर में 38 वे राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताओं से राफ्टिंग को निश्चित तौर पर पंख लगे है। बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग यहां राफ्टिंग के लिए आ रहे है। टनकपुर क्षेत्र श्रद्धा और साहसिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा आने वाले वर्षों में मां पूर्णागिरि धाम में आज की अपेक्षा कहीं अधिक गुना श्रद्धालु पहुंचेंगे। उस समय इंफ्रास्ट्रक्चर व व्यवस्था चाहिए इसलिए वर्तमान में भविष्य की दृष्टि से कार्य किए जा रहे हैं।

श्यामलाताल झील के विकास के लिए 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा हमारी सरकार प्रत्येक ओर से जनपद को अग्रणी बनाने का लक्ष्य लेकर निरंतर कार्य कर रही है।

सांसद ने मेले में आये श्रद्धालुओं का स्वागत किया। संबोधन के दौरान माननीय सांसद श्री अजय टम्टा ने कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकार की नीतियों तथा निर्णयों से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मां पूर्णागिरि मेला उद्घाटन अवसर पर घोषणाएं की-

1- सेलागाड़ से कोटकेंद्री तक संपर्क मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
2- कालीगूठ- पूर्णागिरि विभिन्न मेला स्थलों का सौंदर्यकरण का कार्य किया जाएगा।
3- तामली से रूपालीगढ़ होते हुए सीम तक मोटर सड़क मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
4- मां पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया जाएगा।
5-मंच-लेठी-वमनगांव-तरकुली-आवड़ा-सेम-चूका तक मोटर रोड का सुधारीकरण का कार्य किया जाएगा।
6- मां पूर्णागिरि के आंतरिक क्षेत्र का अनुसरण एवं विश्राम सेट एवं पुलिया निर्माण का कार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जो घोषणाएं आज इस अवसर पर की गई हैं जिला प्रशासन त्वरित रूप से इन घोषणाओं में बिना विलंब के कार्य करें। साथ ही उन्होंने मेला समिति को आश्वास्थ करते हुए कहा कि यह मेला हमारी प्राथमिकता है। मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालुओं को आतिथ्य प्रदान करना व अच्छी सुविधा व स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो यह हमारी कर्तव्य है। ताकि प्रत्येक वर्ष मेले में आने वाले श्रद्धालु अपना अच्छा अनुभव लेकर जाएं और मेले के अच्छे अनुभव लोगों को साझा कर उन्हें भी मेले में आने के लिए प्रेरित करें। पूरा मेला क्षेत्र तथा हमारा शहर स्वच्छ हो आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता हो, जगह-जगह बने शौचालय साफ हो, धर्मशाला की स्थिति अच्छी हो आदि।….

शुभारंभ के अवसर पर अध्यक्ष, जिला पंचायत चम्पावत श्री आनंद सिंह अधिकारी, उपाध्यक्ष श्रीमती पुष्पा विश्वकर्मा, मा0 विधायक प्रतिनिधि टनकपुर श्री दीपक रजवार, चम्पावत श्री प्रकाश तिवारी, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी, उपाध्यक्ष भुवन पांडे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सरस्वती चंद, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, जिलाधिकारी चम्पावत श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देवेश चौहान, एएमए जिला पंचायत श्री कमलेश सिंह बिष्ट सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, श्रद्धालु एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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