चंपावत:आदर्श चंपावत की परिकल्पना को जिले के प्रगतिशील युवा कास्तकार भी कर रहे हैं साकार. :सीएम धामी✍️सुरेंद्र मोहन सूरी पंत की रिपोर्ट

खबर शेयर करें -

✔️आनंदना कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन और इंडो- डच हॉर्टिकल्चर ने उत्तराखंड में प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल की सफलता का मनाया जश्न

चंपावत. : बागवानी के क्षेत्र में स्वरोजगार अपना कर औरों को भी इस हेतु उत्साहित तथा प्रोत्साहित कर रहे हैं कृषक बंधु प्रगतिशील उन्नत किसानों द्वारा बागवानी (सेब) के क्षेत्र में प्रदेश में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है।प्रदेश में 200 करोड़ से बढ़कर 2000 करोड़ रुपए सेब का सालाना टर्नओवर बढ़ाने का हो लक्ष्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह के प्रयासों से कोका-कोला इंडिया और इंडो डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (आईडीएचटी) ने प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल की सफल साझेदारी में चंपावत में प्रोजेक्ट

इस परियोजना ने उत्तराखंड में किसानों के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इस क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को बेहतर बनाने में मदद की है। मुख्यमंत्री ने कहा की इंडो डच हॉटीकल्चर टेक्नोलॉजी द्वारा भीमताल में सुधीर चड्ढा द्वारा चलाए जा रहे रिसर्च प्रोजेक्ट के परिणाम अब दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में कीवी, अखरोट, नाशपाती,प्लम, खुमानी और पैशन फ्रूट की खेती यहां की जा सकती है*। उत्तराखंड की जलवायु इन फलों के लिए बहुत ही अनुकूल है। चम्पावत क्षेत्र तो उसमें भी सबसे अधिक उपुयक्त माना जाता है। यहां के सेब अपनी गुणवात्ता, स्वाद व पोषण तत्वों के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। सरकार प्रदेश में फलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। हम सभी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में एप्पल मिशन के साथ अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

कमल किशोर पांडे, कमलेश सक्टा, महेश सिंह ढेक, धर्मानंद डेसमंड, खिलानंद को पुरस्कृत किया। इससे पूर्व किसानों को दूधपोखरा स्थित कमल गिरी के सेब के बागान दिखाया गया और बागवानी हेतु प्रेरित किया और टिप्स दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एप्पल मिशन के अंतर्गत सेब बागान लगाने वाले किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। सरकार ने प्रदेश में नई सेब नीति बनाई है इसमें आठ वर्ष में पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सेब की अति सघन बागवानी का लक्ष्य रखा गया है। हमारा लक्ष्य है कि हम प्रदेश में सेब का सालाना टर्नओवर 200 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपए तक पहुंचाएं। प्रदेश में उद्योगों के साथ ही बागवानी के विकास के लिए भी अनुकूल नीति बनाकर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में नई तकनीकी से सेब के उन्नत किस्म के पेड़ लगाने से हम जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश से भी अच्छी क्वालिटी का सेब उत्पादन कर सकते हैं। जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखण्ड की भी सेब उत्पादन में विशेष पहचान हो, इसके लिए गुणवत्ता व पैकिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिक से अधिक किसानों को सेब की खेती के लिए प्रेरित किया जाए ताकि सेब उत्पादन में उत्तराखण्ड को

अग्रणी राज्य बनाया जा सके। सरकार किसानों को आवश्यक संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। किसानों को तीन लाख रुपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज के पांच लाख रुपए तक का ऋण दिया जा रहा है। परम्परागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत जैविक खेती को प्रमोट करने के लिए किसानों को लाभांवित किया जा रहा है। फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत किसानों को 80 फीसदी तक सब्सिडी पर कृषि उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सतत् कृषि योजना के तहत कृषि में खाद्यान्न, मछली पालन, पशुपालन एवं डेयरी में बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक सेक्टर में अनुदान दिया जा रहा है। पशुधन बीमना योजना के तहत पशु बीमा से किसानों को पशुओं की आकस्मिक मृत्यु होने पर होने वाली हानि से बचाया जा रहा है।उन्नति एप्पल के माध्यम से किसानों के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए इस उपलब्धि का सोमवार को जश्न मनाया गोरलचोड़ निकट ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया। साथ ही जिले के प्रगतिशील विभिन्न कास्तकारो से वर्चुअल संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा की उन्नति एप्पल परियोजना” इस बात का एक शानदार उदाहरण है कि कैसे सामूहिक प्रयासों से कृषि परिवर्तन को बढ़ावा मिल सकता है। इस पहल की सफलता हमारे किसानों की दृढ़ता और कड़ी मेहनत का प्रमाण है।

इस परियोजना से प्रदेश में सेब के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है। साथ ही उन्होंने कहा की इस परियोजना से चंपावत में सेब की खेती करने वाले किसानों में आए सकारात्मक बदलावों को देखकर बेहद प्रसन्नता भी हो रही है कि यह कास्तकार चंपावत को आदर्श जनपद की परिकल्पना को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।* उन्होंने कहा की इस परियोजना ने किसानों को उन्नत रोपण सामग्री, अच्छे कृषि अभ्यासों (जीएपी) में प्रशिक्षण और आधुनिक बुनियादी ढांचे तक पहुंच प्रदान की है, जिसके परिणामस्वरूप सेब उत्पादन और किसानों की आय में पर्याप्त वृद्धि हुई है। जिससे किसानों की आर्थिकी की मजबूत होने के साथ ही प्रगतिशील किसानों द्वारा अन्य को भी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा सेब राज्य की आजीविका, समृद्धि और विकास का प्रतीक है। इसके उत्पादन को बढ़ाने के लिए कोका-कोला इंडिया और इंडो-डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजीज की परियोजना उन्नति एप्पल जैसी आधुनिक कृषि-तकनीक पहल अत्यधिक उत्पादक और लाभदायक साबित हुई है। इसने हमारे मेहनती किसानों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को भी बढ़ावा दिया है।
कमल किशोर पांडे, कमलेश सक्टा, महेश सिंह ढेक, धर्मानंद डेसमंड, खिला नंद को पुरस्कृत किया। इससे पूर्व किसानों को दूध पोखरा स्थित कमल गिरी के सेब के बागान दिखाया गया और बागवानी हेतु प्रेरित किया और टिप्स दिए।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी नवनीत पांडे, ब्लॉक प्रमुख चंपावत रेखा देवी,विनीता फर्त्याल,सुमनलता, समेत प्रगतिशील किसान तथा अन्य मौजूद रहे।कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया ने किया।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad