”स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं करेंगी उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ बायर-सेलर मीट भी होगी आयोजित ”

बागेश्वर, 29 अक्टूबर |
ग्राम्य विकास विभाग की ओर से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तीन से पांच नवंबर तक नुमाइशखेत मैदान में सरस मेले का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने बताया कि मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना, उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना तथा आजीविका के साधनों को सशक्त बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि मेले में कुल 35 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें उद्योग, कृषि एवं उद्यान विभाग के साथ ही ग्रामोत्थान मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री की जाएगी। मेले के माध्यम से महिला समूहों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन के लिए बेहतर मंच उपलब्ध होगा, जिससे उनके उत्पादों को व्यापक पहचान मिल सकेगी और आय के नए अवसर सृजित होंगे।
मेले के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इनमें लोकगीत, लोकनृत्य, मेहंदी एवं एपण प्रतियोगिताओं के साथ विभिन्न खेल गतिविधियां शामिल रहेंगी। इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय लोक संस्कृति, पारंपरिक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरस मेले के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री का अवसर मिलने के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और लखपति दीदी के लक्ष्य को गति देने में मदद मिलेगी। मेले के दौरान बायर-सेलर मीट का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे महिला समूहों को संभावित खरीदारों से सीधे जुड़ने तथा अपने उत्पादों के विपणन के लिए नए अवसर प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

