


बागेश्वर : पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मेहरा (IPS) के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा सुदूर ग्रामीण व सीमांत क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने, डिजिटल साक्षरता बढ़ाने तथा युवाओं के कल्याण हेतु लगातार व्यापक स्तर पर “कम्युनिटी पुलिसिंग” (सामुदायिक पुलिसिंग) अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना झिरौली एवं चौकी शामा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्रांतर्गत अत्यधिक सुदूरवर्ती पर्वतीय ग्राम जांठा में स्थानीय महिलाओं, युवाओं और समस्त ग्रामीणों के बीच एक वृहद जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
“साइबर सुरक्षा अभियान 2.0” व “साइबर जागरूकता माह” के अंतर्गत संयुक्त पुलिस टीम द्वारा ग्राम जांठा की महिलाओं व बालिकाओं से सीधा संवाद स्थापित किया गया। उन्हें वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे विभिन्न साइबर खतरों, जैसे— “डिजिटल अरेस्ट”, ऑनलाइन लॉटरी फ्रॉड, फर्जी बिजली बिल/अपडेट मैसेज और व्हाट्सएप हैकिंग के तौर-तरीकों के प्रति गहनता से आगाह किया गया। महिलाओं को सतर्क किया गया कि वे किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें और न ही अपनी व्यक्तिगत व गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी से साझा करें।
ग्रामीण क्षेत्र की सुरक्षा व अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से ग्रामीणों को कड़े निर्देश दिए गए। उन्हें गाँव में आने वाले बाहरी फेरीवालों, कबाड़ियों, संदिग्ध मज़दूरों एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के प्रति अत्यधिक सतर्क रहने तथा उनकी संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने को कहा गया। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के दृष्टिगत ऐसे सभी बाहरी व्यक्तियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन जरूर कराया जाए।
ग्रामीण क्षेत्र के होनहार युवाओं, छात्रों एवं बालिकाओं के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के उद्देश्य से पुलिस टीम द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में आगामी होने वाली भर्ती के संबंध में विस्तृत विधिक व तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। युवाओं को अभी से ही भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुटने, नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण अध्ययन करने तथा अपनी शारीरिक दक्षता पर विशेष ध्यान देने के लिए पूरे उत्साह के साथ प्रेरित किया गया।
चौपाल के अंत में उपस्थित जनसमुदाय से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल बिना किसी डर के राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा नंबर डायल 112 पर दें। इसके अतिरिक्त, यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो वह बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराए, ताकि समय रहते बैंक खातों को फ्रीज कर उनकी खून-पसीने की कमाई को सुरक्षित किया जा सके।

