बागेश्वर:साइबर जागरूकता 2.0: बागेश्वर पुलिस ने छात्र-छात्राओं व आमजन को किया साइबर अपराधों के प्रति जागरूक• डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक व बैंकिंग धोखाधड़ी से बचाव के बताए तरीके! Ashok gulati एडिटर इन चीफ

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• उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को उत्तराखंड पुलिस के आधिकारिक ‘गौरा शक्ति ऐप’ के बारे में विस्तार से दी जानकारी

बागेश्वर : जितेन्द्र मेहरा (IPS) पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जनपद में “साइबर जागरूकता 2.0” अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, नगर-कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में कोतवाली बैजनाथ व कोतवाली कौसानी द्वारा स्थानीय स्कूलो व कोतवाली बागेश्वर व थाना काण्डा द्वारा आम जनमानस को में साइबर अपराधों से बचाव व गौरा शक्ति ऐप के बारे मे जागरूक किया गया।
ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, क्यूआर कोड स्कैनिंग तथा ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराधी विभिन्न तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनकी मेहनत की कमाई ठग लेते हैं।
साथ ही अपील की गई कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें तथा अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर पैसे मांगने वालों से सतर्क रहें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा https://www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करें।
इसके अतिरिक्त महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को उत्तराखंड पुलिस के आधिकारिक ‘गौरा शक्ति ऐप’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें ऐप डाउनलोड करने, पंजीकरण करने और संकट के समय पैनिक बटन (SOS) के उपयोग के संबंध में व्यावहारिक प्रशिक्षण* दिया गया।

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