


,रानीखेत:17 सितंबर | शिल्प, सृजन और ब्रह्मांड के दिव्य वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती आज पर्वतीय क्षेत्र में पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई. नगर के सरकारी, गैर-सरकारी संस्थानों सहित ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, कंप्यूटर केंद्रों और कुटीर उद्योगों में सुबह से ही उत्सव का माहौल रहा.मशीनों और औजारों को देकर आराम, की गई सुख-समृद्धि की कामनाआज के दिन सभी तकनीकी संस्थानों और गैरेजों में कामकाज पूरी तरह बंद रहा. कारीगरों, ड्राइवरों, इंजीनियरों और मैकेनिकों ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर मशीनों, वाहनों और कंप्यूटर आदि उपकरणों की साफ-सफाई की और उन्हें फूलों व रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया. सुबह शुभ मुहूर्त (7:58 AM) के बाद से ही विभिन्न पंडालों में भगवान विश्वकर्मा की भव्य मूर्तियां और चित्र स्थापित कर विशेष यज्ञ-हवन का आयोजन किया गया.रोडवेज डिपो और MES में रही विशेष रौनकरानीखेत रोडवेज डिपो और एमईएस (MES) परिसर में इस अवसर पर बड़ा धार्मिक अनुष्ठान देखा गया. डिपो के कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से आरती की और बसों व मरम्मत के औजारों पर रोली-अक्षत का तिलक लगाकर सुरक्षा और उन्नति की प्रार्थना की. छावनी परिषद कार्यालय में भी अधिकारियों और कर्मचारियों ने भगवान विश्वकर्मा का पूजन कर प्रसाद वितरित किया.|