


चंपावत : प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘Vocal for Local’ एवं ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ के दूरदर्शी संकल्प को धरातल पर उतारते हुए चम्पावत की ‘उन्नति स्वयं सहायता समूह’ (SHG) की महिलाएं महिला सशक्तिकरण की एक उत्कृष्ट मिसाल पेश कर रही हैं।
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर समूह की महिलाओं ने अपनी रचनात्मकता और पारंपरिक कौशल का परिचय देते हुए आकर्षक एवं सुंदर हस्तनिर्मित राखियां तैयार की हैं।
मा0 मुख्यमंत्री के स्थानीय हुनर को प्रोत्साहन देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के विजन से प्रेरित होकर महिलाओं ने अपनी कला को सीधे स्वरोजगार से जोड़ लिया है।
वर्तमान में समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की गई इन सुंदर राखियों की बिक्री स्वयं सहायता समूहों की बैठकों के माध्यम से की जा रही है, जिससे महिलाओं को उनकी मेहनत का न्यायसंगत मूल्य मिल रहा है और समूह की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हो रही है।
इस सराहनीय पहल को गति देने में ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ द्वारा महिलाओं को तकनीकी मार्गदर्शन, सहयोग और निरंतर प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल की महिलाओं के हुनर को बड़े बाजार से जोड़कर उन्हें स्थायी आजीविका एवं स्वावलंबन के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
मा0 मुख्यमंत्री के विज़न को जन-जन तक पहुँचाने और स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आम नागरिकों से भी इन हस्तनिर्मित राखियों को अपनाने की अपील की गई है।
स्थानीय महिलाओं द्वारा अत्यंत निष्ठा और लगन से तैयार की गई इन राखियों की खरीद न केवल उनके छोटे से प्रयास को बड़ा संबल प्रदान करेगी, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी बल मिलेगा।
जिला प्रशासन द्वारा अपील की है इस रक्षाबंधन ‘Vocal for Local’ के विजन को साकार करते हुए स्थानीय महिलाओं के हुनर से सजी राखियां खरीदें और SHG से जुड़ी बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अपना अमूल्य योगदान दें।