हल्द्वानी :जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेते हुये जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित स्थलों) को तत्काल सुधारने, सड़कों पर साइनेज/स्पीड ब्रेकर लगाने, और ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए!✍️ ashok gulati एडिटर इन चीफ

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हल्द्वानी 18 जुलाई ।

कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेते हुये जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित स्थलों) को तत्काल सुधारने, सड़कों पर साइनेज/स्पीड ब्रेकर लगाने, और ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

हल्द्वानी तीनपानी बाईपास पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने तत्काल सड़क पर विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए रात के समय हादसों को रोकने के लिए, सेंसर-युक्त एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने, सड़क पर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और दिशा-निर्देशन के लिए परावर्तक (रिफ्लेक्टिव/साइनिंग) बोर्ड लगाने कैमरा तथा सड़क पर रम्बल स्ट्रिप की संख्या बढाने के निर्देश दिये, ताकि वाहनों की  गति नियंत्रित होने से हादसों में कमी आयेगी उन्होंनेे तत्काल कार्यो को करने के निर्देंश एनएच, एनएचएआई के अधिकारियों को मौके पर दिये।* 
*उन्होंने कहा तीनपानी बाईपास मार्ग पर पीक समय (वाहनों की आवाजाही अधिक होने पर) पुलिस और परिवहन विभाग की तैनाती की जायेगी ताकि सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्ती बेहद जरूरी है। इसके लिए जुर्माने (चालान), लाइसेंस निलंबन, वाहन सीज करने और भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाए ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।* 

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा समिति द्वारा जनपद में  चिह्नित और आपत्ति वाले संवेदनशील मार्गों व ब्लैक-स्पॉट का अविलंब निस्तारण करना सुनिश्चित करें साथ ही दुर्घटना सम्भावित मार्गो पर क्रैश बैरियर लगाना, चेतावनी बोर्ड लगाना, पैराफिट का निर्माण करना और गति सीमा को नियंत्रित करना तत्काल सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि कोसी, अमृतपुर व गौला क्षेत्र में खनिज वाहनों के द्वारा जिन मार्गों से खजिन ले जाया जाता है और वे मार्ग क्षतिग्रस्त होने पर 10 लाख की धनराशि मार्गाें की मरम्मत हेतु खनिज न्याय निधि से स्वीकृत की है। उन्होने लोनिवि के अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में खनिज वाहनों से मार्ग क्षतिग्रस्त हुये है तत्काल उन मार्गों को ठीक कराया जाय।

 जिलाधिकारी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए पीएम-राहत नामक योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत, सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति को दुर्घटना के दिन से 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार चिकित्सालय में प्रदान किया जाता है।

सड़क सुरक्षा पखवाड़ा के तहत जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा स्वयं सड़क में पंहुचकर बिना हैलमेट दोपहिया यात्रा कर रहे लोगों को हेलमेट वितरित किये । उन्होंने कहा दोपहिया वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोट से होने वाली मौतों को रोकना है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि सड़क सुरक्षा और अपनी जान की हिफाजत के लिए बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन न चलाएं।*     

बैठक में  पुलिस अधीक्षक यातायात जगदीश चंद्र, सम्भागीय परिवहन अधिकारी अरविन्द पाण्डे,सचिव विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, अधिशासी अधिशासी लोनिवि, रतनेश सक्सेना, प्रत्यूष सिंह के साथ ही एनएच, एनएचएआई, नगर निगम आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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