चंपावत:सड़क सुरक्षा जिलाधिकारी की प्राथमिकता — कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी! ✍️Ashok Gulati editor in chief

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✔️जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न — दुर्घटनाओं में कमी लाना सर्वोच्च प्राथमिकता : जिलाधिकारी

चंपावत : जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने, सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने तथा आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित सभी विभागों को सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से ओवर-स्पीडिंग, हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग तथा नशे में वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर सख्त नियंत्रण के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और कठोर प्रवर्तन कार्यवाही करने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित स्थल) पर तुरंत और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। इन संवेदनशील क्षेत्रों में सड़कों का सुधार, स्पष्ट साइनेज, गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) का निर्माण, ओवरस्पीडिंग चेतावनी बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था और उचित चिन्हांकन सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) अधिकारियों को सभी सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर डीपीआर भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने मंच-बकोड़ा मार्ग कार्य को प्राथमिकता से प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित स्वाला पर जिलाधिकारी ने ब्लैक टॉप कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पहाड़ी से गिरने वाला मलबा एक इंच भी डंपिंग ज़ोन के अलावा अन्यत्र न गिरे। उन्होंने स्वाला में सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य भी तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि अगले मानसून सीजन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवरुद्ध स्थलों के कारण मार्ग को रात्रि में बंद नहीं किया जाएगा तथा इसकी संपूर्ण ज़िम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों की होगी।

उन्होंने सभी ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना स्थलों को चिन्हित कर पैराफिट लगाने के निर्देश दिए।

हाल ही में बस्तिया में हुई सड़क दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने बस्तिया बेंड के आउटर कर्व को आवश्यकता अनुसार बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में वहां दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

जिलाधिकारी ने ओवरलोडिंग, ई-चालान, सीट बेल्ट एवं अन्य यातायात नियम उल्लंघनों पर कठोर चालानी कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने सड़कों पर अवैध पार्किंग हटाने और इस पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने निर्देशित किया कि सड़क किनारे जमा मलबे का तत्काल उठान किया जाए, झाड़ियों की नियमित कटाई हो ताकि दृश्य बाधा न बने और सड़क दृश्यता बनी रहे।

जिलाधिकारी ने पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए और कहा कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों को किसी भी स्थिति में छूट नहीं दी जाएगी तथा अल्कोहल मीटर से नियमित जांच अनिवार्य की जाए।

साथ ही, उन्होंने शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से स्कूलों, कॉलेजों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सड़क सुरक्षा विषयक कार्यशालाएं व जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

बैठक में संभागीय …..

परिवहन अधिकारी सुरेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री मेहरबान सिंह बिष्ट, ईई लोनिवि एम सी पलड़िया, ईई पीएमजीएसवाई सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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