बिग ब्रेकिंग नैनीताल: ‘बड़ी खबर’ उत्तराखंड पंचायत चुनाव को मिली हरी झंडी, हाईकोर्ट ने हटाई रोक! Ashok Gulati editor in chief

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उत्तराखंड पंचायत चुनाव को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट से बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अदालत ने पंचायत चुनावों पर लगी रोक (Stay) हटा दी है, जिससे अब चुनावी प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ सकेगी। अब राज्य में पंचायत चुनाव की तारीखें थोड़ी आगे खिसक सकती हैं, लेकिन चुनाव समयबद्ध रूप से होंगे। आयोग द्वारा जल्द ही संशोधित अधिसूचना जारी की जाएगी।उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने 23 जून को पंचायती चुनावों पर लगे स्टे को वापस ले लिया गया है। खंडपीठ ने सरकार को तीन हफ्ते में जवाब देने को कहा है जबकि चुनाव आयोग से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव कराने को कहा गया है।

आज बागेश्वर निवासी याचिकाकर्ता गणेश दत्त कांडपाल के अधिवक्ता शोभित सहारिया ने आरक्षण संबंधी याचिका में सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने 25 जून से शुरू होने वाले चुनाव को सामान्य प्रक्रिया में कराने को कह दिया है।

आज हुई सुनवाई में पंचायत चुनाव में बदलाव संबंधी आपत्तियों व अन्य के आधार पर लगभग 40 याचिकाएं दायर हो गई हैं। इसमें, हर्ष प्रीतम सिंह, गंभीर सिंह चौहान, कवींद्र इस्तवाल, रामेश्वर, मो.सुहेल, सोबेन्द्र सिंह पड़ियार, प्रेम सिंह, विककार सिंह बाहेर, धर्मेंद्र सिंह, पंकज कुमार आदि की याचिकाएं बीरेंद्र सिंह बुटोला व गणेश दत्त कांडपाल की मूल याचिकाओं के साथ जोड़कर सुनी गई।एक याची की तरफ से अधिवक्ता आदित्य सिंह ने विधानसभा डोईवाला के आरक्षण पर सवाल उठाए। उन्होंने, ब्लॉक के नोटिफिकेशन पर बोलते हुए कहा कि में ग्राम पंचायत में दिए आरक्षण के लिए आया हूँ और वहां 63 प्रतिशत सीट आरक्षित हैं। हालांकि, न्यायालय ने ये कहते हुए उनकी पैरवी को अस्वीकार कर दिया की वो आरक्षण में सामान्य महिला को जोड़कर बता रहे हैं।
नियम के अनुसार एस.सी., एस.टी.और ओ.बी.सी.के अलावा बांकी हिस्सा सामान्य वर्ग को दिया जाता है।

महिलाओं को वर्गवत 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता अनिल कुमार जोशी, योगेश पचौलिया, जितेंद्र चौधरी, शक्ति सिंह आदि ने अपने पक्ष रखे।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम मेरिट के आधार पर सभी को सुनेंगे। उन्होंने 23 जून को पंचायती चुनावों पर लगाए स्टे को वापस ले लिया। न्यायालय ने सरकार को तीन हफ्ते में जवाब देने को कहा है, जबकि चुनाव आयोग से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव कराने को कहा गया है।अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह 3 हफ्तों के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करे।
नामांकन करने की आखिरी तारीख को 3 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है, ताकि उम्मीदवारों को पर्याप्त समय मिल सके।
चुनाव कार्यक्रम भी अब 3 दिन आगे खिसका दिया गया है। यह पूरा कार्यक्रम राज्य चुनाव आयोग द्वारा जल्द जारी किया जाएगा।

मामला क्या था?
राज्य सरकार की नई पंचायत चुनाव नियमावली और आरक्षण रोटेशन को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसके चलते अस्थायी रूप से चुनावों पर रोक लगाई गई थी। अब कोर्ट ने स्टे हटाते हुए चुनावी प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है।

स्टे हटाया गया — पंचायत चुनावों की राह साफ

सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 3 सप्ताह का समय

नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ी — 3 दिन की राहत

पूरे चुनाव कार्यक्रम को भी 3 दिन बढ़ाया गया|



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